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Faridabad News: पूर्व फौजी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
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200 मीटर तक बिखर गया शव, स्टेशन पर मची अफरा तफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मंगलवार सुबह बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसे में एक पूर्व फौजी की जान चली गई। दिल्ली जाने के लिए घर से निकले राजेंद्र भाटी (49) ट्रैक पार करते समय गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। शव करीब 200 मीटर तक बिखर गया। पुलिस ने क्षत-विक्षत शव को एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
राजेंद्र भाटी मूल रूप से छांयसा गांव के रहने वाले थे लेकिन कई वर्षों से भीमसेन कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। वे पहले राजपूताना राइफल्स में सिपाही के पद पर कार्यरत थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से महज नौ साल की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (बीआरएस) ले ली थी। वर्तमान में वे सेक्टर-16 स्थित पॉवर ग्रिड कार्यालय में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वे दिल्ली के आरआर अस्पताल में इलाज के लिए मेडिकल दस्तावेज के साथ घर से निकले थे। जीआरपी चौकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे के करीब जब पलवल-गाजियाबाद लोकल शटल प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची तो राजेंद्र उसे पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर चार से गलत दिशा से आने लगे। इसी दौरान मथुरा की ओर जा रही गतिमान एक्सप्रेस वहां से गुजरी और वह उसकी चपेट में आ गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से बचने के लिए राजेंद्र ट्रैक पर लेट गए, लेकिन हड़बड़ाहट में उनका हाथ ट्रेन के इंजन में फंस गया, जिससे शरीर के कई टुकड़े हो गए। ट्रेन के लोको पायलट ने करीब 300 मीटर आगे जाकर ट्रेन रोकी और अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची जीआरपी ने इंजन में फंसे हाथ को बाहर निकाला और कार्रवाई पूरी होने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मंगलवार सुबह बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसे में एक पूर्व फौजी की जान चली गई। दिल्ली जाने के लिए घर से निकले राजेंद्र भाटी (49) ट्रैक पार करते समय गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। शव करीब 200 मीटर तक बिखर गया। पुलिस ने क्षत-विक्षत शव को एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
राजेंद्र भाटी मूल रूप से छांयसा गांव के रहने वाले थे लेकिन कई वर्षों से भीमसेन कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। वे पहले राजपूताना राइफल्स में सिपाही के पद पर कार्यरत थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से महज नौ साल की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (बीआरएस) ले ली थी। वर्तमान में वे सेक्टर-16 स्थित पॉवर ग्रिड कार्यालय में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
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परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वे दिल्ली के आरआर अस्पताल में इलाज के लिए मेडिकल दस्तावेज के साथ घर से निकले थे। जीआरपी चौकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे के करीब जब पलवल-गाजियाबाद लोकल शटल प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची तो राजेंद्र उसे पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर चार से गलत दिशा से आने लगे। इसी दौरान मथुरा की ओर जा रही गतिमान एक्सप्रेस वहां से गुजरी और वह उसकी चपेट में आ गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से बचने के लिए राजेंद्र ट्रैक पर लेट गए, लेकिन हड़बड़ाहट में उनका हाथ ट्रेन के इंजन में फंस गया, जिससे शरीर के कई टुकड़े हो गए। ट्रेन के लोको पायलट ने करीब 300 मीटर आगे जाकर ट्रेन रोकी और अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची जीआरपी ने इंजन में फंसे हाथ को बाहर निकाला और कार्रवाई पूरी होने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।