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Faridabad News: लीड रिहायशी क्षेत्रों में आई बाढ़, कॉलोनियों के रास्ते भी कटे
Tue, 11 Jul 2023 10:34 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 11 Jul 2023 10:34 PM IST
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- पानी भरने से फसलों को भी नुकसान, 16 गांवों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दो दिन पहले हथिनी कुंड बैराज से तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना की तलहटी में बसे ग्रेटर फरीदाबाद की कई काॅलोनियों में मकानों के अंदर तक पानी घुस आया। इससे लोगों में भय बन गया है। साथ ही इन काॅलोनियों में जाने वाले रास्तों पर भी यमुना का इतना पानी भर गया है कि रास्ते ही कट गए हैं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद सर्वाधिक बाढ़ का खतरा बसंतपुर, लालपुर, किडवाली, मंझावली, चिरसी, कबूलपुर पट्टी, ददसिया, तिलोरी खादर, अमीपुर, लालपुर में है। इन क्षेत्रों को प्रापर्टी डीलरों द्वारा यमुना की तलहटी में बसा दिया गया है। जहां सैकड़ों मकान बनाकर लोगों ने रिहाइश शुरू कर दी है। ये सभी क्षेत्र यमुना के साथ बसे हुए हैं। अब यमुना में हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे इन कालोनियों के साथ-साथ लोगों के खेतों में भी काफी पानी घुस गया है। इन क्षेत्रों के अलावा 16 से अधिक यमुना के साथ लगते गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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मकानों में पानी भरने से लोग भयभीत
यमुना का पानी बसावट वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर घुसने से लोग भयभीत हैं, क्योंकि पानी भरने से बिजली करंट का भी खतरा है। साथ ही बच्चों को भी पानी से खतरा है। लोगों ने पानी निकासी कराने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
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फसल खराब होने का खतरा
यमुना का पानी खेतों में घुस आने से फसलों के खराब होने का भी खतरा है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। यदि पानी ज्यादा दिन तक भरा रहा तो फसलें पूरी तरह से खराब हो जाएंगी। इन खेतों में किसान सब्जियां उगाते हैं।
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उपायुक्त ने लिया प्रभावित क्षेत्रों का जायजा,सतर्कता बढ़ी
उपायुक्त विक्रम सिंह ने यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति का मंगलवार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उनके साथ डीसीपी मुख्यालय पूजा वशिष्ठ, एसडीएम परमजीत चहल, एसीपी देवेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आरके बत्रा व कार्यकारी अभियंता बीएस रावत, राजस्व विभाग सहित अन्य अधिकारी भी थे। उपायुक्त विक्रम सिंह ने दिल्ली के सट्टे बसंतपुर गांव से बसंतपुर चौक से निरीक्षण शुरू करके महावतपुर के रास्ते किडावली, पल्ला, भुपानी, महावतपुर होते हुए मंझावली पहुंचे। जहां पर सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। जिन लोगों की बस्तियां यमुना नदी के तट पर है वह खाली कर दें और प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर रहकर अपना जीवन यापन करें। वहां पर प्रशासन द्वारा रहने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यमुना के बढ़ते जलस्तर की निगरानी के लिए प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दो दिन पहले हथिनी कुंड बैराज से तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना की तलहटी में बसे ग्रेटर फरीदाबाद की कई काॅलोनियों में मकानों के अंदर तक पानी घुस आया। इससे लोगों में भय बन गया है। साथ ही इन काॅलोनियों में जाने वाले रास्तों पर भी यमुना का इतना पानी भर गया है कि रास्ते ही कट गए हैं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद सर्वाधिक बाढ़ का खतरा बसंतपुर, लालपुर, किडवाली, मंझावली, चिरसी, कबूलपुर पट्टी, ददसिया, तिलोरी खादर, अमीपुर, लालपुर में है। इन क्षेत्रों को प्रापर्टी डीलरों द्वारा यमुना की तलहटी में बसा दिया गया है। जहां सैकड़ों मकान बनाकर लोगों ने रिहाइश शुरू कर दी है। ये सभी क्षेत्र यमुना के साथ बसे हुए हैं। अब यमुना में हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे इन कालोनियों के साथ-साथ लोगों के खेतों में भी काफी पानी घुस गया है। इन क्षेत्रों के अलावा 16 से अधिक यमुना के साथ लगते गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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मकानों में पानी भरने से लोग भयभीत
यमुना का पानी बसावट वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर घुसने से लोग भयभीत हैं, क्योंकि पानी भरने से बिजली करंट का भी खतरा है। साथ ही बच्चों को भी पानी से खतरा है। लोगों ने पानी निकासी कराने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
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फसल खराब होने का खतरा
यमुना का पानी खेतों में घुस आने से फसलों के खराब होने का भी खतरा है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। यदि पानी ज्यादा दिन तक भरा रहा तो फसलें पूरी तरह से खराब हो जाएंगी। इन खेतों में किसान सब्जियां उगाते हैं।
उपायुक्त ने लिया प्रभावित क्षेत्रों का जायजा,सतर्कता बढ़ी
उपायुक्त विक्रम सिंह ने यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति का मंगलवार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उनके साथ डीसीपी मुख्यालय पूजा वशिष्ठ, एसडीएम परमजीत चहल, एसीपी देवेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आरके बत्रा व कार्यकारी अभियंता बीएस रावत, राजस्व विभाग सहित अन्य अधिकारी भी थे। उपायुक्त विक्रम सिंह ने दिल्ली के सट्टे बसंतपुर गांव से बसंतपुर चौक से निरीक्षण शुरू करके महावतपुर के रास्ते किडावली, पल्ला, भुपानी, महावतपुर होते हुए मंझावली पहुंचे। जहां पर सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। जिन लोगों की बस्तियां यमुना नदी के तट पर है वह खाली कर दें और प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर रहकर अपना जीवन यापन करें। वहां पर प्रशासन द्वारा रहने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यमुना के बढ़ते जलस्तर की निगरानी के लिए प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर हैं।