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Faridabad News: एफएमडीए की लेट लतीफी के कारण पांच लाख लोग पी रहे गंदा पानी
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10 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है अंडरग्राउंड वाटर टैंक, कागजों में चल रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) द्वारा सेक्टर-25 में बनाए जा रहे नए अंडरग्राउंड वाटर टैंक के निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। एफएमडीए द्वारा एनआईटी के करीब पांच लाख लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए 10 एमएलडीए का नया वाटर टैंक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाना है। लेकिन पिछले एक वर्ष से विभाग टैंक का निर्माण कार्य कागजों में कर रहा है। एफएमडीए अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण पांच लाख लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
इस समय सेक्टर- 25 जलघर के अंदर पुराने वाटर टैंक से पानी की सप्लाई की जा रही है, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका है। अंडरग्राउंड टैंक की एक दीवार भी पूरी तरह टूट चुकी है, जिस कारण गंदा पानी लोगों के घरों तक सप्लाई हो रहा है। पहले इस वाटर टैंक के निर्माण का काम नगर निगम के पास था। सेक्टर- 25 आरडब्ल्यूए प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि सेक्टर-25 में बना जलघर शहर का सबसे पुराना जलघर है। इसे साल 1970 में तैयार किया गया था। उस समय बाईपास रोड पर सेक्टर-8, 9 और मुजेड़ी गांव के पास ग्रीन बेल्ट पर कुल 54 ट्यूबवेल लगाए गए थे। इन ट्यूबवेलों से ही हर रोज 45 लाख गैलन पानी जलघर तक पहुंचता था, जिससे एनआईटी स्थित झाड़सेतली, प्रतापगढ़, सेक्टर-25, रनहेडा खेड़ा, सेक्टर-55, संजय कॉलोनी, सेक्टर-23, 23ए, 22, 24, जवाहर कॉलोनी, मुजेसर, आजाद नगर, एनआईटी-1 और 2 तक पानी की सप्लाई की जाती थी। जहां से पानी की सप्लाई होती थी। ये ट्यूबवेल बंद हो गए, इसलिए अब मोठूका रेनीवेल से पानी की सप्लाई जलघर तक पहुंचाई जाती है। जलघर की क्षमता 30 लाख गैलन पानी प्रतिदिन की है।
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जलघर तक बिछाई जानी है नई लाइन
सेक्टर 25 के बूस्टर से पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए मिर्जापुर से एक नई लाइन बिछाई जाएगी। अभी पुरानी लाइन कई जगह से टूटी हुई है। आरोप है कि लोग बीच लाइन से पानी चोरी करते हैं, जिससे बूस्टर तक पूर्ण मात्रा में पानी नहीं पहुंचता है। इस कारण बूस्टर से जुड़े लाखों लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। नई लाइन मिर्जापुर से गुरुग्राम कैनाल के साथ-साथ सेक्टर 25 तक बिछाई जाएगी। अब तक पाइप लाइन बिछाने का भी शुरू नहीं हो पाया है।
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एक बार भी टैंक की नहीं हुई मरम्मत
इस सबसे पुराने टैंक से हर रोज पांच लाख की आबादी वाले हिस्से में पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन नगर निगम ने आज तक इस टैंक की मरम्मत का कार्य नहीं कराया है। वैसे देखा जाए तो हर दो साल में टैंक की सफाई होनी चाहिए, लेकिन वह भी नहीं हुई। टैंक का लिंटर नीचे गिर गया है, जिससे टैंक का पानी दूषित हो चुका है। इस कारण एनआईटी और सेक्टर- 25, 55 के लोग पानी के लिए पिछले 15 वर्षों से टैंकर पर निर्भर है।
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वर्जन
सेक्टर- 25 में नये अंडरग्राउंड वाटर टैंक के निर्माण की योजना वर्ष 2023 में बनाई गई थी। मुख्यमंत्री से मंजूरी भी मिल गई थी लेकिन बजट बढ़ने के कारण एस्टीमेट फिर नए सिरे से तैयार किया गया। इस कारण अब तक नए वाटर टैंक का निर्माण का काम अधर में लटका है। अब जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।- विशाल बसंल, मुख्य अभियंता एफएमडीए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) द्वारा सेक्टर-25 में बनाए जा रहे नए अंडरग्राउंड वाटर टैंक के निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। एफएमडीए द्वारा एनआईटी के करीब पांच लाख लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए 10 एमएलडीए का नया वाटर टैंक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाना है। लेकिन पिछले एक वर्ष से विभाग टैंक का निर्माण कार्य कागजों में कर रहा है। एफएमडीए अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण पांच लाख लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
इस समय सेक्टर- 25 जलघर के अंदर पुराने वाटर टैंक से पानी की सप्लाई की जा रही है, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका है। अंडरग्राउंड टैंक की एक दीवार भी पूरी तरह टूट चुकी है, जिस कारण गंदा पानी लोगों के घरों तक सप्लाई हो रहा है। पहले इस वाटर टैंक के निर्माण का काम नगर निगम के पास था। सेक्टर- 25 आरडब्ल्यूए प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि सेक्टर-25 में बना जलघर शहर का सबसे पुराना जलघर है। इसे साल 1970 में तैयार किया गया था। उस समय बाईपास रोड पर सेक्टर-8, 9 और मुजेड़ी गांव के पास ग्रीन बेल्ट पर कुल 54 ट्यूबवेल लगाए गए थे। इन ट्यूबवेलों से ही हर रोज 45 लाख गैलन पानी जलघर तक पहुंचता था, जिससे एनआईटी स्थित झाड़सेतली, प्रतापगढ़, सेक्टर-25, रनहेडा खेड़ा, सेक्टर-55, संजय कॉलोनी, सेक्टर-23, 23ए, 22, 24, जवाहर कॉलोनी, मुजेसर, आजाद नगर, एनआईटी-1 और 2 तक पानी की सप्लाई की जाती थी। जहां से पानी की सप्लाई होती थी। ये ट्यूबवेल बंद हो गए, इसलिए अब मोठूका रेनीवेल से पानी की सप्लाई जलघर तक पहुंचाई जाती है। जलघर की क्षमता 30 लाख गैलन पानी प्रतिदिन की है।
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जलघर तक बिछाई जानी है नई लाइन
सेक्टर 25 के बूस्टर से पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए मिर्जापुर से एक नई लाइन बिछाई जाएगी। अभी पुरानी लाइन कई जगह से टूटी हुई है। आरोप है कि लोग बीच लाइन से पानी चोरी करते हैं, जिससे बूस्टर तक पूर्ण मात्रा में पानी नहीं पहुंचता है। इस कारण बूस्टर से जुड़े लाखों लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। नई लाइन मिर्जापुर से गुरुग्राम कैनाल के साथ-साथ सेक्टर 25 तक बिछाई जाएगी। अब तक पाइप लाइन बिछाने का भी शुरू नहीं हो पाया है।
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एक बार भी टैंक की नहीं हुई मरम्मत
इस सबसे पुराने टैंक से हर रोज पांच लाख की आबादी वाले हिस्से में पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन नगर निगम ने आज तक इस टैंक की मरम्मत का कार्य नहीं कराया है। वैसे देखा जाए तो हर दो साल में टैंक की सफाई होनी चाहिए, लेकिन वह भी नहीं हुई। टैंक का लिंटर नीचे गिर गया है, जिससे टैंक का पानी दूषित हो चुका है। इस कारण एनआईटी और सेक्टर- 25, 55 के लोग पानी के लिए पिछले 15 वर्षों से टैंकर पर निर्भर है।
वर्जन
सेक्टर- 25 में नये अंडरग्राउंड वाटर टैंक के निर्माण की योजना वर्ष 2023 में बनाई गई थी। मुख्यमंत्री से मंजूरी भी मिल गई थी लेकिन बजट बढ़ने के कारण एस्टीमेट फिर नए सिरे से तैयार किया गया। इस कारण अब तक नए वाटर टैंक का निर्माण का काम अधर में लटका है। अब जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।- विशाल बसंल, मुख्य अभियंता एफएमडीए।