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खतरा: दिल्ली से फरीदाबाद पहुंचा डेल्टा प्लस वैरिएंट, 25 वर्षीय युवक में मिला संक्रमण, हरियाणा में अलर्ट
Sun, 27 Jun 2021 12:17 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 27 Jun 2021 12:17 PM IST
सार
फरीदाबाद के शहरी क्षेत्र से मिला एक मरीज। होम आइसोलेशन में ही हो चुका है स्वस्थ। ईएसआईसी और टीएचएसटीआई के संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट में हुई वैरिएंट की पुष्टि। संक्रमित बराबर दिल्ली आना-जाना करता था।
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कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोविड-19 के सबसे खतरनाक स्वरूप डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि फरीदाबाद के एक 25 वर्षीय युवक में हुई है। मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री दिल्ली की है। वह बल्लभगढ़ के शहरी क्षेत्र का निवासी है और दिल्ली में जॉब के सिलसिले में आना-जाना करता है। वह फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। राहत की बात है कि मरीज के घर में साथ रह रहे माता-पिता सहित पांचों सदस्य संक्रमण की जद में नहीं आए हैं।
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विभाग का दावा है कि अब तक के सबसे खतरनाक स्वरूप का यह पहला मामला पूरे हरियाणा में केवल फरीदाबाद में मिला है। ऐसे में फिर से डिटेल एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट की जानकारी निदेशालय सहित केंद्र तक भेजी जाएगी। वहीं प्रदेश में अलर्ट जारी हो गया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि मई के पहले सप्ताह में वह दिल्ली में किसी परिचित के शादी समारोह में शामिल हुआ और तीन दिन बाद संक्रमण के लक्षण दिखने लगे। मरीज ने संक्रमण के खतरनाक स्वरूप को भी मात दे दी है। वह फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। परिवार का कोई सदस्य संक्रमित नहीं हुआ है। उसके संपर्क में ऑफिस व शादी में शामिल लोगों में भी अभी तक किसी तरह की अनहोनी या गंभीरता की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंची है।
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केंद्र ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य को पत्र जारी करते हुए कहा कि कड़ाई से निर्देशों का पालन करना होगा। प्रभावी कदम उठाएं। भीड़ को काबू करने, टेस्टिंग-ट्रेसिंग बढ़ाने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने की जरूरत है। डेल्टा प्लस वैरिएंट से पीड़ित मरीज की पुष्टि ईएसआईसी और ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (टीएचएसटीआई) के संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए की गई कोविड 165 मरीजों की रैंडम सैंपलिंग में हुई है।
इस दौरान कोविड के जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच की गई। रिपोर्ट में एक मरीज डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित मिला। हालांकि इस रिपोर्ट की पुष्टि 25 जून को हुई। मरीज ने होम आइसोलेशन में करीब दो सप्ताह में ही संक्रमण को मात दे दी।
डेल्टा प्लस को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा प्लस वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ यानी जिस पर चिंतित होने की जरूरत है, ऐसी श्रेणी में रखा है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हर माह प्रत्येक जिले में कुल संक्रमितों में से पांच फीसदी सैंपल को हॉल जिनोम स्किवेंसिंग के लिए भेजा जाता है। जिले में हर माह यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें री-इनफेक्शन यानी दोबारा संक्रमित होने वाले मामले, विदेश यात्रा की हिस्ट्री वाले मामलों के सैंपल शामिल किए जाते हैं।
सबसे ज्यादा घातक माना जा रहा है यह वैरिएंट
कोविड-19 के अब तक करीब कई तरह के वैरिएंट मिल चुके हैं। इसमें डेल्टा प्लस वैज्ञानिक नाम वी.1.617.2 सबसे घातक माना गया है। डेल्टा प्लस के 50 से अधिक मामले पूरे देश में मिले हैं। इसमें से एक अब फरीदाबाद में मिला है। ऐसे में एनसीआर अलर्ट मोड पर है। दिल्ली में मामले पहले ही मिल रहे थे, एनसीआर का यह पहला मामला है।
हालांकि यूपी व पड़ोसी राज्यों में इसकी पुष्टि पहले हो चुकी है। फरीदाबाद के एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डिप्टी डीन डॉ. एके पांडेय ने बताया कि कोरोना के कई स्वरूप हैं। जानलेवा रही कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव कोविड के डेल्टा स्किवेंसिंग है, इसमें ज्यादातर मामले डेल्टा से जुड़े थे।
अब डेल्टा प्लस इसके आगे का घातक स्वरूप है। यह बहुत तेजी से फैलता है। संक्रमित के फेफड़ों की कोशिकाओं से बहुत मजबूती से चिपकता है। वहीं, इसमें शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। ऐसे में इस सीक्वेंस को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं।
सामान्य कोविड वायरस जैसे हैं लक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया और ईएसआईसी अस्पताल के डिप्टी डीन डॉ. एके पांडेय बताते हैं कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान लक्षणों से नहीं की जा सकती। लक्षण अब तक के कोविड वायरस जैसे ही हैं। इसमें मरीज को सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस लेने में समस्या जैसी परेशानी ही होंगी। इसकी सबसे बड़ी पहचान सांस लेने की समस्या है। ऐसा इसलिए कि यह फेफड़ों पर सीधे आक्रमण करता है।
टीकाकरण की जिले में स्थिति(को-विन पोर्टल के अनुसार)
कुल डोज 815976
पहली 692719
दूसरी 123257
60 प्लस 206919
45 से 60 तक 247616
18 प्लस 361441
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि कोरोना को लेकर जिला स्तर पूरी तरह से अलर्ट हैं। लगातार दो लहर को काबू किया गया है। नए स्वरूप को लेकर काफी अलर्ट हैं। एक मामले की पुष्टि डेल्टा प्लस वैरिएंट के साथ हुई है। हालांकि मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है। परिवार पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला। हालांकि डिटेल एक्शन रिपोर्ट बनाई जा रही है।
अब डेल्टा प्लस इसके आगे का घातक स्वरूप है। यह बहुत तेजी से फैलता है। संक्रमित के फेफड़ों की कोशिकाओं से बहुत मजबूती से चिपकता है। वहीं, इसमें शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। ऐसे में इस सीक्वेंस को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं।
सामान्य कोविड वायरस जैसे हैं लक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया और ईएसआईसी अस्पताल के डिप्टी डीन डॉ. एके पांडेय बताते हैं कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान लक्षणों से नहीं की जा सकती। लक्षण अब तक के कोविड वायरस जैसे ही हैं। इसमें मरीज को सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस लेने में समस्या जैसी परेशानी ही होंगी। इसकी सबसे बड़ी पहचान सांस लेने की समस्या है। ऐसा इसलिए कि यह फेफड़ों पर सीधे आक्रमण करता है।
टीकाकरण की जिले में स्थिति(को-विन पोर्टल के अनुसार)
कुल डोज 815976
पहली 692719
दूसरी 123257
60 प्लस 206919
45 से 60 तक 247616
18 प्लस 361441
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि कोरोना को लेकर जिला स्तर पूरी तरह से अलर्ट हैं। लगातार दो लहर को काबू किया गया है। नए स्वरूप को लेकर काफी अलर्ट हैं। एक मामले की पुष्टि डेल्टा प्लस वैरिएंट के साथ हुई है। हालांकि मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है। परिवार पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला। हालांकि डिटेल एक्शन रिपोर्ट बनाई जा रही है।