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Faridabad News: आभा आईडी बनाने में फरीदाबाद प्रदेश में अव्वल
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गुरुग्राम को पछाड़कर बना नंबर वन, जिले में अब तक 13.2 लाख लोगों ने बनवाई डिजिटल हेल्थ आईडी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए बनाई जा रही आभा आईडी के मामले में फरीदाबाद जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद ने पड़ोसी जिले गुरुग्राम को पीछे छोड़ते हुए राज्य में पहला पायदान हासिल किया है।
प्रदेश में अब तक कुल 1 करोड़ 84 लाख 77 हजार 482 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। इसमें फरीदाबाद 13.2 लाख आईडी के साथ सबसे आगे है। करीब दो महीने पहले तक गुरुग्राम इस सूची में पहले स्थान पर था लेकिन फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते अब गुरुग्राम 12.9 लाख आईडी के साथ दूसरे नंबर पर खिसक गया है। वहीं, करनाल और हिसार 12-12 लाख आईडी के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चरखी दादरी इस सूची में सबसे निचले पायदान पर है।
आभा आईडी के फायदे
आभा आईडी एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र है, जिसमें मरीज का ब्लड ग्रुप, बीमारियों का विवरण, दवाइयां, लैब रिपोर्ट, एमआरआई और अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक की पूरी जानकारी एक ही जगह सुरक्षित रहती है। डॉक्टर मात्र एक क्लिक या क्यूआर कोड स्कैन करके मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे। इससे मरीजों को पुराने पर्चे या भारी-भरकम फाइलें ढोने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फरीदाबाद में यह आईडी सीएचसी केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में तेजी से बनाई जा रही हैं। जिले में पुरुषों और महिलाओं दोनों की भागीदारी इस अभियान में सराहनीय देखी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए बनाई जा रही आभा आईडी के मामले में फरीदाबाद जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद ने पड़ोसी जिले गुरुग्राम को पीछे छोड़ते हुए राज्य में पहला पायदान हासिल किया है।
प्रदेश में अब तक कुल 1 करोड़ 84 लाख 77 हजार 482 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। इसमें फरीदाबाद 13.2 लाख आईडी के साथ सबसे आगे है। करीब दो महीने पहले तक गुरुग्राम इस सूची में पहले स्थान पर था लेकिन फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते अब गुरुग्राम 12.9 लाख आईडी के साथ दूसरे नंबर पर खिसक गया है। वहीं, करनाल और हिसार 12-12 लाख आईडी के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चरखी दादरी इस सूची में सबसे निचले पायदान पर है।
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आभा आईडी के फायदे
आभा आईडी एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र है, जिसमें मरीज का ब्लड ग्रुप, बीमारियों का विवरण, दवाइयां, लैब रिपोर्ट, एमआरआई और अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक की पूरी जानकारी एक ही जगह सुरक्षित रहती है। डॉक्टर मात्र एक क्लिक या क्यूआर कोड स्कैन करके मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे। इससे मरीजों को पुराने पर्चे या भारी-भरकम फाइलें ढोने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फरीदाबाद में यह आईडी सीएचसी केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में तेजी से बनाई जा रही हैं। जिले में पुरुषों और महिलाओं दोनों की भागीदारी इस अभियान में सराहनीय देखी जा रही है।
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