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Faridabad News: फरीदाबाद-जेवर कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार, एलिवेटेड हिस्से का आधा काम पूरा
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जेवर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केएमपी) तक के खंड को जून-जुलाई तक चालू करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर की बहुप्रतीक्षित फरीदाबाद-जेवर सड़क परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। परियोजना के एलिवेटेड हिस्से का आधे से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अधिकारियों ने जेवर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केएमपी) तक के खंड को जून-जुलाई तक चालू करने का लक्ष्य रखा है। वहीं दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट फ्लाईवे (डीएनडी) से फरीदाबाद खंड का काम अप्रैल तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। पूरी परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने की समय सीमा तय है।
यह सड़क केवल दो शहरों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं बल्कि फरीदाबाद की औद्योगिक और आर्थिक दिशा बदलने वाली कड़ी मानी जा रही है। लंबे समय से उद्योग जगत और दैनिक यात्रियों की मांग रही है कि नोएडा और जेवर की ओर जाने के लिए दिल्ली का चक्कर न लगाना पड़े। मौजूदा समय में कालिंदी कुंज और बदरपुर बॉर्डर पर रोजाना लगने वाले जाम से हजारों वाहन चालक जूझते हैं। नई कनेक्टिविटी इस दबाव को काफी हद तक कम कर सकती है।
एलिवेटेड हिस्से से शहरी जाम पर असर
परियोजना का एलिवेटेड भाग खासतौर पर उन हिस्सों में बनाया जा रहा है जहां ट्रैफिक दबाव अधिक है और जमीन अधिग्रहण चुनौतीपूर्ण है। निर्माण एजेंसियों के अनुसार अधिकांश पिलर और गर्डर खड़े किए जा चुके हैं तथा डेक स्लैब डालने का कार्य तेजी से चल रहा है। एलिवेटेड संरचना तैयार होने से भारी वाहन शहर के भीतरी हिस्सों में प्रवेश किए बिना सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
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एनआईटी, सेक्टर–24, 25 और बल्लभगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अभी तक मालवाहक ट्रकों को दिल्ली या नोएडा की ओर जाने के लिए लंबा और जाम भरा रास्ता तय करना पड़ता है जिससे डिलीवरी में देरी और लागत दोनों बढ़ती हैं। कारोबारियों का कहना है कि सीधी कनेक्टिविटी मिलने पर लॉजिस्टिक्स खर्च में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
जेवर एयरपोर्ट से सीधा संपर्क
यह मार्ग भविष्य में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाएगा। जेवर में बन रहे इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर पूरे एनसीआर में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक की दूरी और यात्रा समय कम होने से कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निर्यात-आयात से जुड़े उद्योगों के लिए तेज सड़क संपर्क प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा।
रियल एस्टेट क्षेत्र भी इस परियोजना पर नजर टिकाए हुए है। ग्रेटर फरीदाबाद और यमुना किनारे विकसित हो रहे सेक्टरों में पहले ही निवेश बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में और इजाफा हो सकता है।
डीएनडी-फरीदाबाद खंड अंतिम चरण में
डीएनडी-फरीदाबाद सेक्शन के पूरा होने से दक्षिणी दिल्ली और नोएडा से आने-जाने वालों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। फिलहाल बदरपुर बॉर्डर और कालिंदी कुंज पर प्रतिदिन लंबा जाम लगता है। नए मार्ग के शुरू होने से हजारों वाहनों का डायवर्जन संभव होगा, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी भी आएगी। औद्योगिक शहर होने के कारण फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता पहले ही चिंता का विषय रही है, ऐसे में ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन राहत दे सकता है।
ग्रामीण इलाकों को भी लाभ
परियोजना का असर केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। जिन गांवों के पास से यह सड़क गुजर रही है वहां सर्विस रोड और अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय आवाजाही सुरक्षित रहे। कुछ स्थानों पर मुआवजे और सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं जिन्हें प्रशासन स्तर पर सुलझाने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि बेहतर सड़क से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
2027 तक पूरा लक्ष्य
निर्माण एजेंसियों को चरणबद्ध समय सीमा दी गई है। जून-जुलाई तक जेवर-ईपीई खंड का संचालन शुरू होना इस परियोजना का पहला बड़ा मील का पत्थर होगा। इसके बाद शेष हिस्सों का कार्य तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि अप्रैल 2027 तक पूरी सड़क तैयार हो सके। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो शहर सीधे राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क और जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएगा। इससे उद्योग और व्यापार को नई गति मिलने के साथ आम लोगों को भी रोजमर्रा की यात्रा में राहत मिलेगी।
इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जल्द ही इसको पूरा कर लिया जाएगा। - धीरज सिंह, उपमहाप्रबंधक एनएचएआई
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर की बहुप्रतीक्षित फरीदाबाद-जेवर सड़क परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। परियोजना के एलिवेटेड हिस्से का आधे से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अधिकारियों ने जेवर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केएमपी) तक के खंड को जून-जुलाई तक चालू करने का लक्ष्य रखा है। वहीं दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट फ्लाईवे (डीएनडी) से फरीदाबाद खंड का काम अप्रैल तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। पूरी परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने की समय सीमा तय है।
यह सड़क केवल दो शहरों को जोड़ने वाली परियोजना नहीं बल्कि फरीदाबाद की औद्योगिक और आर्थिक दिशा बदलने वाली कड़ी मानी जा रही है। लंबे समय से उद्योग जगत और दैनिक यात्रियों की मांग रही है कि नोएडा और जेवर की ओर जाने के लिए दिल्ली का चक्कर न लगाना पड़े। मौजूदा समय में कालिंदी कुंज और बदरपुर बॉर्डर पर रोजाना लगने वाले जाम से हजारों वाहन चालक जूझते हैं। नई कनेक्टिविटी इस दबाव को काफी हद तक कम कर सकती है।
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एलिवेटेड हिस्से से शहरी जाम पर असर
परियोजना का एलिवेटेड भाग खासतौर पर उन हिस्सों में बनाया जा रहा है जहां ट्रैफिक दबाव अधिक है और जमीन अधिग्रहण चुनौतीपूर्ण है। निर्माण एजेंसियों के अनुसार अधिकांश पिलर और गर्डर खड़े किए जा चुके हैं तथा डेक स्लैब डालने का कार्य तेजी से चल रहा है। एलिवेटेड संरचना तैयार होने से भारी वाहन शहर के भीतरी हिस्सों में प्रवेश किए बिना सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
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एनआईटी, सेक्टर–24, 25 और बल्लभगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अभी तक मालवाहक ट्रकों को दिल्ली या नोएडा की ओर जाने के लिए लंबा और जाम भरा रास्ता तय करना पड़ता है जिससे डिलीवरी में देरी और लागत दोनों बढ़ती हैं। कारोबारियों का कहना है कि सीधी कनेक्टिविटी मिलने पर लॉजिस्टिक्स खर्च में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
जेवर एयरपोर्ट से सीधा संपर्क
यह मार्ग भविष्य में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाएगा। जेवर में बन रहे इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर पूरे एनसीआर में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक की दूरी और यात्रा समय कम होने से कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निर्यात-आयात से जुड़े उद्योगों के लिए तेज सड़क संपर्क प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा।
रियल एस्टेट क्षेत्र भी इस परियोजना पर नजर टिकाए हुए है। ग्रेटर फरीदाबाद और यमुना किनारे विकसित हो रहे सेक्टरों में पहले ही निवेश बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में और इजाफा हो सकता है।
डीएनडी-फरीदाबाद खंड अंतिम चरण में
डीएनडी-फरीदाबाद सेक्शन के पूरा होने से दक्षिणी दिल्ली और नोएडा से आने-जाने वालों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। फिलहाल बदरपुर बॉर्डर और कालिंदी कुंज पर प्रतिदिन लंबा जाम लगता है। नए मार्ग के शुरू होने से हजारों वाहनों का डायवर्जन संभव होगा, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी भी आएगी। औद्योगिक शहर होने के कारण फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता पहले ही चिंता का विषय रही है, ऐसे में ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन राहत दे सकता है।
ग्रामीण इलाकों को भी लाभ
परियोजना का असर केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। जिन गांवों के पास से यह सड़क गुजर रही है वहां सर्विस रोड और अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय आवाजाही सुरक्षित रहे। कुछ स्थानों पर मुआवजे और सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं जिन्हें प्रशासन स्तर पर सुलझाने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि बेहतर सड़क से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
2027 तक पूरा लक्ष्य
निर्माण एजेंसियों को चरणबद्ध समय सीमा दी गई है। जून-जुलाई तक जेवर-ईपीई खंड का संचालन शुरू होना इस परियोजना का पहला बड़ा मील का पत्थर होगा। इसके बाद शेष हिस्सों का कार्य तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि अप्रैल 2027 तक पूरी सड़क तैयार हो सके। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो शहर सीधे राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क और जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएगा। इससे उद्योग और व्यापार को नई गति मिलने के साथ आम लोगों को भी रोजमर्रा की यात्रा में राहत मिलेगी।
इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जल्द ही इसको पूरा कर लिया जाएगा। - धीरज सिंह, उपमहाप्रबंधक एनएचएआई