{"_id":"622f2d1c284d20063b51e3be","slug":"faridabad-holi-colour-scarcity-brings-tension-in-traders-says-corona-third-wave-is-reason","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की तीसरी लहर ने बिगाड़ा खेल: बाजार में रंग-गुलाल की कमी से दुकानदारों में बेचैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की तीसरी लहर ने बिगाड़ा खेल: बाजार में रंग-गुलाल की कमी से दुकानदारों में बेचैनी
Mon, 14 Mar 2022 05:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Mar 2022 05:26 PM IST
सार
जानकारों का कहना है कि इन बाजारों में कोरोना काल से पहले तक होली के दौरान चार-पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते दो साल होली नहीं मनाई गई। अब कोरोना के कम हो रहे मामले को देखते हुए होली जमकर मनेगी।
विज्ञापन
रंगों की खरीदारी करते ग्राहक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
होली पर रंग व गुलाल की कमी ने फरीदाबाद के दुकानदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। उनका कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर के चलते इसका ज्यादा उत्पादन नहीं किया गया। ऐसे में बाजार में इसकी काफी कमी है, लिहाजा पुराने बचे माल को ही बेचकर अच्छी आमदनी की आस है।
विज्ञापन
दुकानदारों के अनुसार रंग-गुलाल का सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश के हाथरस में किया जाता है। उद्यमी होली से छह महीने पहले ही तैयारी के साथ इसे बनाना शुरू कर देते हैं, लेकिन इस साल जनवरी-फरवरी में आए कोरोना की तीसरी लहर के चलते उत्पादन पर असर पड़ा। उद्यमी नुकसान के डर से ज्यादा उत्पादन नहीं कर सके। ऐसे में जिले के सभी बाजारों में रंग-गुलाल की कमी है। इसलिए दुकानदारों का कहना है कि इस बार भी होली पर अच्छी आमदनी की आस कम है।
विज्ञापन
ओल्ड फरीदाबाद, एनआइटी-1,2,3,4,5, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, सराय ख्वाजा, सेक्टर-16, पल्ला व बल्लभगढ़ आदि शहर का बड़ा बाजार माना जाता है। जानकारों का कहना है कि इन बाजारों में कोरोना काल से पहले तक होली के दौरान चार-पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते दो साल होली नहीं मनाई गई। अब कोरोना के कम हो रहे मामले को देखते हुए होली जमकर मनेगी। ऐसे में इन जगहों के बाजार सजने लगे हैं।
विज्ञापन
बाजार में नहीं चाइनीज पिचकारी व अन्य सामान
दुकानदारों के अनुसार बाजार में इस बार चाइनीज पिचकारी, रंग-गुलाल आदि नहीं है। भारतीय कंपनियों द्वारा बनाए गए पिचकारी लोगों को खूब भा रहा है। साथ ही देश में बने सामानों में अगर कोई खराबी आती है तो उसे बदलने का भी प्रावधान है। चाइनीज में ऐसा नहीं था। दुकानदारों व ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ता था।
इस बार बाजार में रंग-गुलाल की कमी है क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर के चलते ज्यादा उत्पादन नहीं किया गया। सामानों की कमी के चलते दर भी बढ़ गए हैं। रंग-गुलाल का रेट 50 फीसदी तक बढ़ा है।- गोविंद, व्यापारी, ओल्ड फरीदाबाद मार्केट।
इस बार होली हर्षोल्लास से मनेगी। ऐसे में बाजार तो सज गए हैं लेकिन रंग-गुलाल की कमी ने दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर रंग-गुलाल का प्रबंध किया जा रहा है।-राहुल, व्यापारी, ओल्ड फरीदाबाद।