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Faridabad News: फरीदाबाद कोर्ट ने डब्ल्यूटीसी निवेशकों के लिए आशीष भल्ला की रिफंड योजना की सराहना की
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद कोर्ट ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) नोएडा ग्रुप के प्रमोटर आशीष भल्ला द्वारा पेश की गई रिफंड और निपटान योजना की सराहना की है। भल्ला इस समय प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। उन्होंने निवेशकों को राहत देने के लिए एक प्रस्ताव रखा। 22 मई 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार की अदालत ने उनके प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इस योजना के तहत छह सदस्यीय समिति बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजीव नरैन रैना करेंगे। समिति निवेशकों के दस्तावेजों की जांच कर प्रॉपर्टी के आधार पर रिफंड करेगी। पहले सहयोगियों को पैसा लौटाया जाएगा और फिर अन्य देनदारों को भुगतान होगा।
हालांकि 6 मई को ईडी ने समूह की 2,300 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी थीं। इसके बाद भी 8 मई को निवेशकों ने अदालत में प्रस्ताव का समर्थन किया था।
जानकारी के अनुसार अब तक 500 से अधिक निवेशक रिफंड या प्रोजेक्ट पूरा होने के लिए सहमति पत्र भेज चुके हैं। इसको लेकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि न्यायालय से अनुमति मिलते ही वह काम फिर शुरू कर सकेंगे और लगभग 4000 ग्राहकों को अगले वर्ष तक कब्जा भी दिला दिया जाएगा। आपको बताते चलें पूरा मामला डब्ल्यूटीसी फरीदाबाद प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर काम अधूरा छोड़ने के आरोप लगे थे।
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फरीदाबाद। फरीदाबाद कोर्ट ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) नोएडा ग्रुप के प्रमोटर आशीष भल्ला द्वारा पेश की गई रिफंड और निपटान योजना की सराहना की है। भल्ला इस समय प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। उन्होंने निवेशकों को राहत देने के लिए एक प्रस्ताव रखा। 22 मई 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार की अदालत ने उनके प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इस योजना के तहत छह सदस्यीय समिति बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजीव नरैन रैना करेंगे। समिति निवेशकों के दस्तावेजों की जांच कर प्रॉपर्टी के आधार पर रिफंड करेगी। पहले सहयोगियों को पैसा लौटाया जाएगा और फिर अन्य देनदारों को भुगतान होगा।
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हालांकि 6 मई को ईडी ने समूह की 2,300 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी थीं। इसके बाद भी 8 मई को निवेशकों ने अदालत में प्रस्ताव का समर्थन किया था।
जानकारी के अनुसार अब तक 500 से अधिक निवेशक रिफंड या प्रोजेक्ट पूरा होने के लिए सहमति पत्र भेज चुके हैं। इसको लेकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि न्यायालय से अनुमति मिलते ही वह काम फिर शुरू कर सकेंगे और लगभग 4000 ग्राहकों को अगले वर्ष तक कब्जा भी दिला दिया जाएगा। आपको बताते चलें पूरा मामला डब्ल्यूटीसी फरीदाबाद प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर काम अधूरा छोड़ने के आरोप लगे थे।
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