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Faridabad News: ग्रीन फील्ड कॉलोनी में 15 माह में उपलब्ध कराई जाएंगी सुविधाएं

Sun, 24 Mar 2024 10:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2024 10:41 PM IST
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Facilities will be provided in Green Field Colony in 15 months
अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे ग्रीन फील्ड कॉलोनी वासियों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉलोनी से स्टे निरस्त कर बिल्डर को चरणवद्ध तरीके से 15 माह में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विकास कार्य कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए बिल्डर को 50 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि भी जमा करनी होगी। इसके बाद निगम कॉलोनी की देखभाल की जिम्मेदारी संभालेगा। आरडब्ल्यूए प्रधान वीरेंद्र भड़ाना ने कहा कि लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार कोर्ट से इंसाफ मिला है। ये तो सेमीफाइनल था, फाइनल बाकी है। आम आदमी का पैसा बिल्डर से कोर्ट के माध्यम से वापिस कराया जाएगा। कोर्ट के फैसले से करीब 50 हजार लोगों को राहत मिली है। सूरजकुंड रोड स्थित ग्रीन फील्ड कॉलोनी 1960 में विकसित होनी शुरू हुई थी। पंजाब से अलग होने के बाद हरियाणा सरकार ने वर्ष 1982 में कॉलोनाइजर अर्बन इम्प्रूवमेंट कंपनी को कॉलोनी विकसित करने की मंजूरी दी। आरडब्ल्यूए प्रधान वीरेंद्र भड़ाना, आवासीय सुधार मंडल ग्रीनफील्ड के महासचिव एडवोकेट सन्नी खंडेलवाल, स्थानीय एडवोकेट श्वेता शर्मा, रिटायर्ड ब्रिगेडियर एसके कौशिक ने बताया कि आरडल्ब्यूए, शेयर होल्डर्स और बिल्डर कंपनी के प्रबंधन को लेकर विवाद हो गया था। वर्ष 2011 में मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा। उच्च न्यायालय ने स्टे लगा दिया। विवाद होने पर केंद्र सरकार ने एक निदेशक नियुक्त कर दिया। निदेशक ने कॉलोनी को नगर निगम को सौंपने के लिए वर्ष 2014 में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में जैसी है कि स्थिति के आधार पर ही कॉलोनी को टेकओवर करने का आदेश दिया। लेकिन 99 करोड़ की देनदारी बिल्डर कंपनी पर होने के कारण निगम टेकओवर नहीं कर रहा था। क्योंकि कंपनी ने काम नहीं कराया था। वीरेंद्र भड़ाना ने बताया कि न्यायालय ने 22 मार्च को मामले की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में स्टे को खत्म कर कॉलोनी में विकास कार्य 15 माह के अंदर कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में कराने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त कोर्ट कमिश्नर अरुण आर्य हर महीने विकास कार्यों की रिपोर्ट सबमिट करेंगे।
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