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आपातकाल के काले अध्याय को याद दिलाती है प्रदर्शनी : विधायक
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विधायक मूलचंद शर्मा ने किया संविधान हत्या दिवस प्रदर्शनी का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लोकतंत्र और संविधान की महत्ता को उजागर करने और आमजन को आपातकाल की लोकतंत्र विरोधी ऐतिहासिक घटनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से एसडीएम कार्यालय बल्लभगढ़ में जन-जागरूकता प्रदर्शनी की शुरुआत की गई है। संविधान हत्या दिवस विषय पर आधारित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक मूलचंद शर्मा ने रिबन काटकर किया। प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान देश में लोकतंत्र के विरुद्ध हुई घटनाओं और उस समय लागू किए गए कठोर उपायों को तथ्यों और चित्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 को देश पर थोपा गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। इसे देश कभी नहीं भूल सकता। आपातकाल के दौरान न केवल मौलिक अधिकारों को समाप्त किया गया, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता को भी दबा दिया गया। इस मौके पर तहसीलदार भूमिका लाम्बा, पार्षद महेश गोयल, पार्षद योगेश शर्मा, पार्षद सोनू वैष्णव, पूर्व पार्षद हरप्रसाद गौड़, स्वराज भाटी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लोकतंत्र और संविधान की महत्ता को उजागर करने और आमजन को आपातकाल की लोकतंत्र विरोधी ऐतिहासिक घटनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से एसडीएम कार्यालय बल्लभगढ़ में जन-जागरूकता प्रदर्शनी की शुरुआत की गई है। संविधान हत्या दिवस विषय पर आधारित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक मूलचंद शर्मा ने रिबन काटकर किया। प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान देश में लोकतंत्र के विरुद्ध हुई घटनाओं और उस समय लागू किए गए कठोर उपायों को तथ्यों और चित्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 को देश पर थोपा गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। इसे देश कभी नहीं भूल सकता। आपातकाल के दौरान न केवल मौलिक अधिकारों को समाप्त किया गया, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता को भी दबा दिया गया। इस मौके पर तहसीलदार भूमिका लाम्बा, पार्षद महेश गोयल, पार्षद योगेश शर्मा, पार्षद सोनू वैष्णव, पूर्व पार्षद हरप्रसाद गौड़, स्वराज भाटी आदि मौजूद रहे।
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