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Faridabad News: जिले में हर सातवां नवजात कम वजन का

Mon, 27 Apr 2026 12:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 12:45 AM IST
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Every seventh newborn in the district is underweight
मातृ पोषण पर बढ़ी चिंता
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े ताजा आंकड़ों ने पोषण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच जन्मे नवजातों के विश्लेषण में बड़ी संख्या में बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति गर्भवती महिलाओं में पोषण की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच का संकेत है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जिले में कुल 44,395 जीवित जन्म दर्ज किए गए। इनमें से 6,803 नवजातों का वजन 2500 ग्राम से कम पाया गया, यानी लगभग हर सातवां बच्चा कम वजन का है। इसके अलावा 945 नवजातों का वजन 1800 ग्राम से भी कम रहा, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।



विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, आयरन और कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा का अभाव इस समस्या का प्रमुख कारण है। खासकर ग्रामीण और शहरी गरीब क्षेत्रों में महिलाओं को पोषण संबंधी सुविधाएं और जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही है।
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स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी चुनौती
हालांकि 43,778 नवजातों का जन्म के समय वजन दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का संकेत देता है। स्थिति में सुधार के लिए नियमित जांच, पोषण परामर्श और फॉलो-अप में तेजी लाने की जरूरत है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों की मौजूदगी के बावजूद जागरूकता का अभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कई गर्भवती महिलाएं समय पर जांच नहीं करवा पातीं और न ही उन्हें पोषण सप्लीमेंट का नियमित सेवन करने की जानकारी होती है, जिससे नवजात के वजन पर असर पड़ता है।



विभाग की पहल और विशेषज्ञों की सलाह



उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने बताया कि कम वजन के नवजातों की संख्या चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आयरन-फोलिक एसिड व कैल्शियम सप्लीमेंट लेना बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा इस दिशा में जागरूकता अभियान और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।




दीर्घकालिक प्रभाव की आशंका



चिकित्सकों का कहना है कि कम वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है और उनके शारीरिक व मानसिक विकास पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में मातृ पोषण में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।


आंकड़ों पर एक नजर
कुल जीवित जन्म : 44,395
जन्म के समय वजन दर्ज : 43,778
2500 ग्राम से कम वजन वाले नवजात : 6,803
1800 ग्राम से कम वजन वाले नवजात : 945
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