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Faridabad News: करोड़ों खर्च करने के बाद भी लहडोला गांव की सड़क जलमग्न
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करोड़ों खर्च करने के बाद भी लहडोला गांव की सड़क जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। बल्लभगढ़ बायपास रोड तिगांव पुल से गांव मंझावली तक बनाई गई सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन समस्या जस की तस है। करीब 13 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से बनी यह सीमेंटेड सड़क गांव लहडोला से होकर गुजरती है, जहां हर बरसात में सड़क तालाब जैसी बन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उन्हें बरसात में पानी से होकर गुजरना पड़ता था और अब नई सड़क बनने के बाद भी हालात नहीं बदले। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोग वही पुरानी समस्या झेलने को मजबूर हैं।
गांव लहडोला निवासी मोहित अधाना ने बताया, “सड़क पर बरसात का पानी भरने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है। हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है और वाहनों को भी नुकसान होता है। वहीं ग्रामीण संदीप अधाना ने कहा, यह सड़क सुविधा देने के बजाय अब परेशानी बन गई है। करोड़ों की लागत बर्बाद होती नजर आ रही है।
इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के जूनियर इंजीनियर सरदार सिंह ने गांव के सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा कि, गांव में जल निकासी की समस्या का समाधान न होने की वजह से सड़क पर पानी भरता है।” ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अपने ऊपर से जिम्मेदारी हटाने के लिए सारा ठीकरा पंचायत पर फोड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि बरसात में सड़क तालाब न बने और करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। बल्लभगढ़ बायपास रोड तिगांव पुल से गांव मंझावली तक बनाई गई सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन समस्या जस की तस है। करीब 13 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से बनी यह सीमेंटेड सड़क गांव लहडोला से होकर गुजरती है, जहां हर बरसात में सड़क तालाब जैसी बन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उन्हें बरसात में पानी से होकर गुजरना पड़ता था और अब नई सड़क बनने के बाद भी हालात नहीं बदले। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोग वही पुरानी समस्या झेलने को मजबूर हैं।
गांव लहडोला निवासी मोहित अधाना ने बताया, “सड़क पर बरसात का पानी भरने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है। हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है और वाहनों को भी नुकसान होता है। वहीं ग्रामीण संदीप अधाना ने कहा, यह सड़क सुविधा देने के बजाय अब परेशानी बन गई है। करोड़ों की लागत बर्बाद होती नजर आ रही है।
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इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के जूनियर इंजीनियर सरदार सिंह ने गांव के सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा कि, गांव में जल निकासी की समस्या का समाधान न होने की वजह से सड़क पर पानी भरता है।” ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग अपने ऊपर से जिम्मेदारी हटाने के लिए सारा ठीकरा पंचायत पर फोड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि बरसात में सड़क तालाब न बने और करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।