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Faridabad News: समाधान शिविरों की शिकायतों का समय पर करें निस्तारण
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मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की लंबित शिकायतों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतों के निपटारे के बाद कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सभी तथ्यों और जरूरी दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर अपलोड करें। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान शिविरों की लंबित शिकायतों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लंबित शिकायतों की विभागवार निगरानी की जाए और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय हो।
बैठक के बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित निगरानी करने और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की स्थिति बताने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी शिकायत ओवरड्यू नहीं होनी चाहिए। जांच वाले मामलों में देरी का कारण और निस्तारण में लगने वाला समय स्पष्ट होना चाहिए। शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा नहीं, बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है। उपायुक्त ने समाधान शिविरों में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थित अधिकारी के स्थान पर सक्षम अधिकारी को लिखित जिम्मेदारी सौंपने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई डीडीओ बिना हस्ताक्षर और मुहर के एटीआर अपलोड न करे। एटीआर पर सक्षम अधिकारी या एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। अधिकारियों को अपने डीडीओ लॉगिन नियमित जांचने और लंबित मामलों का रिकॉर्ड अपडेट रखने को भी कहा गया। बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, डीसीपी मुख्यालय हिमाद्रि कौशिक, जिला परिषद की सीईओ शिखा, एसडीएम त्रिलोक चंद, डॉ. हनी बंसल, मयंक भारद्वाज, संयुक्त आयुक्त एमसीएफ अमित मान और सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतों के निपटारे के बाद कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सभी तथ्यों और जरूरी दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर अपलोड करें। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान शिविरों की लंबित शिकायतों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लंबित शिकायतों की विभागवार निगरानी की जाए और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय हो।
बैठक के बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित निगरानी करने और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की स्थिति बताने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी शिकायत ओवरड्यू नहीं होनी चाहिए। जांच वाले मामलों में देरी का कारण और निस्तारण में लगने वाला समय स्पष्ट होना चाहिए। शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा नहीं, बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है। उपायुक्त ने समाधान शिविरों में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थित अधिकारी के स्थान पर सक्षम अधिकारी को लिखित जिम्मेदारी सौंपने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई डीडीओ बिना हस्ताक्षर और मुहर के एटीआर अपलोड न करे। एटीआर पर सक्षम अधिकारी या एमिनेंट पर्सन के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। अधिकारियों को अपने डीडीओ लॉगिन नियमित जांचने और लंबित मामलों का रिकॉर्ड अपडेट रखने को भी कहा गया। बैठक में एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, डीसीपी मुख्यालय हिमाद्रि कौशिक, जिला परिषद की सीईओ शिखा, एसडीएम त्रिलोक चंद, डॉ. हनी बंसल, मयंक भारद्वाज, संयुक्त आयुक्त एमसीएफ अमित मान और सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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