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Faridabad News: ग्रीनबेल्ट से हटाया जाएगा अतिक्रमण, लगेंगे पौधे
Fri, 16 Jun 2023 08:56 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 16 Jun 2023 08:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की ग्रीनबेल्ट से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद यहां पौधरोपण, तार फेसिंग सहित सीवर का पानी को साफ कर वहां पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से इसपर तकरीबन 49 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यदि इस योजना को अमलीजामा पहना दिया गया तो शहर में हरियाली बढ़ेगी और वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर में भी सुधार आएगा।
स्मार्ट सिटी में अधिकांश ग्रीन बेल्ट अतिक्रमण की वजह से खो गए हैं। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अकसर कब्जे व अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाते हैं, लेकिन ग्रीनबेल्ट की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। इसकी वजह से कई जगह तो ग्रीन बेल्ट नाममात्र की बची है। इन पर झुग्गी बस्ती, अवैध कारोबार व कबाड़ियों का कब्जा है। वहीं, कई जगहों पर शराब की दुकानें और खानी-पीने की दुकानें चल रही हैं। एनजीटी ने भी कई बार ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण के आदेश दे चुका है।
हवा साफ करने के लिए जरूरी हैं पौधे-
औद्योगिक नगरी में वायु प्रदूषण बहुत अधिक है। कई बार वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से 450 के पार पहुंच जाता है। यह बेहद खतरनाक श्रेणी मानी जाती है। इसलिए यहां अधिक से अधिक पौधारोपण होना जरूरी है। ग्रीन बेल्ट की तो यहां पौधारोपण के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।
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ऐसे करेंगे ग्रीन बेल्ट विकसित :
- बागवानी, पौधारोपण न नर्सरी पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाने और तार फेसिंग करने में 10 करोड़ रुपये
- रखरखाव और ग्रीन बेल्ट, पार्क व फव्वारे विकसित करने में 10 करोड़ रुपये
- पार्क व ग्रीन बेल्ट में सामान्य काम के लिए पांच करोड़
- ग्रीन बेल्ट व पार्क तक सीवर का साफ पानी पहुंचाने के लिए एक करोड़
- इसके अलावा अन्य प्रकार की गतिविधियों में तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
वर्जन :
शहर को बेहतर बनाने की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में एस्टीमेट बनाए गए हैं, जिससे ग्रीन बेल्ट को संवारा जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
सुभाष यादव, एफएमडीए बागवानी विभाग
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फरीदाबाद। शहर की ग्रीनबेल्ट से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद यहां पौधरोपण, तार फेसिंग सहित सीवर का पानी को साफ कर वहां पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से इसपर तकरीबन 49 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यदि इस योजना को अमलीजामा पहना दिया गया तो शहर में हरियाली बढ़ेगी और वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर में भी सुधार आएगा।
स्मार्ट सिटी में अधिकांश ग्रीन बेल्ट अतिक्रमण की वजह से खो गए हैं। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अकसर कब्जे व अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाते हैं, लेकिन ग्रीनबेल्ट की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। इसकी वजह से कई जगह तो ग्रीन बेल्ट नाममात्र की बची है। इन पर झुग्गी बस्ती, अवैध कारोबार व कबाड़ियों का कब्जा है। वहीं, कई जगहों पर शराब की दुकानें और खानी-पीने की दुकानें चल रही हैं। एनजीटी ने भी कई बार ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण के आदेश दे चुका है।
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हवा साफ करने के लिए जरूरी हैं पौधे-
औद्योगिक नगरी में वायु प्रदूषण बहुत अधिक है। कई बार वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से 450 के पार पहुंच जाता है। यह बेहद खतरनाक श्रेणी मानी जाती है। इसलिए यहां अधिक से अधिक पौधारोपण होना जरूरी है। ग्रीन बेल्ट की तो यहां पौधारोपण के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।
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ऐसे करेंगे ग्रीन बेल्ट विकसित :
- बागवानी, पौधारोपण न नर्सरी पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाने और तार फेसिंग करने में 10 करोड़ रुपये
- रखरखाव और ग्रीन बेल्ट, पार्क व फव्वारे विकसित करने में 10 करोड़ रुपये
- पार्क व ग्रीन बेल्ट में सामान्य काम के लिए पांच करोड़
- ग्रीन बेल्ट व पार्क तक सीवर का साफ पानी पहुंचाने के लिए एक करोड़
- इसके अलावा अन्य प्रकार की गतिविधियों में तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
वर्जन :
शहर को बेहतर बनाने की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में एस्टीमेट बनाए गए हैं, जिससे ग्रीन बेल्ट को संवारा जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
सुभाष यादव, एफएमडीए बागवानी विभाग