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Faridabad News: नए श्रम कानून के विरोध में कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस
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फरीदाबाद में नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर नगर निगम मुख्यालय पर काले झंडे लेकर प
चारों श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर जोरदार प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नए श्रम कानून के विरोध में कर्मचारियों ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर बीके चौक पर कर्मचारियों ने चारों श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर काले झंडों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया और काला दिवस मनाया।
दोपहर भोजन अवकाश के दौरान स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य, नगर निगम और हुडा समेत कई विभागों के कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय के सामने एकत्रित हुए। यहां सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान की अध्यक्षता में आक्रोश सभा आयोजित की गई जबकि संचालन जिला सचिव बलबीर सिंह बालगोहर ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने केंद्र सरकार से पुरानी 29 श्रम कानूनों को बहाल करने और नई चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संहिताएं कर्मचारी और मजदूर विरोधी हैं और श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करती हैं।
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उन्होंने सरकार से विभागों के निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक लगाने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने और कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा आठवां वेतन आयोग लागू करने और तब तक कर्मचारियों को 5000 रुपये की अंतरिम राहत देने की मांग की गई। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी पर भी रोक लगाने की मांग कर्मचारियों ने प्रमुखता से रखी। शास्त्री ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन दिसंबर में दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर आंदोलन को तेज करेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नए श्रम कानून के विरोध में कर्मचारियों ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर बीके चौक पर कर्मचारियों ने चारों श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर काले झंडों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया और काला दिवस मनाया।
दोपहर भोजन अवकाश के दौरान स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य, नगर निगम और हुडा समेत कई विभागों के कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय के सामने एकत्रित हुए। यहां सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान की अध्यक्षता में आक्रोश सभा आयोजित की गई जबकि संचालन जिला सचिव बलबीर सिंह बालगोहर ने किया।
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सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने केंद्र सरकार से पुरानी 29 श्रम कानूनों को बहाल करने और नई चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संहिताएं कर्मचारी और मजदूर विरोधी हैं और श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करती हैं।
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उन्होंने सरकार से विभागों के निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक लगाने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने और कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा आठवां वेतन आयोग लागू करने और तब तक कर्मचारियों को 5000 रुपये की अंतरिम राहत देने की मांग की गई। ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी पर भी रोक लगाने की मांग कर्मचारियों ने प्रमुखता से रखी। शास्त्री ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन दिसंबर में दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर आंदोलन को तेज करेगा।