{"_id":"5d90e0528ebc3e93c6338a38","slug":"electricity-news-faridabad-news-noi4643893105","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली संसोधन बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे अधिकारी और कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली संसोधन बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे अधिकारी और कर्मचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। बिजली संशोधन बिल के लिए बिजली कर्मचारी, इंजीनियर और सरकार आमने-सामने आ गए हैं। सरकार लंबित बिल को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पारित करवाने जा रही है। वहीं दूसरी ओर बिजली कर्मचारी और इंजीनियर भी इस बिल के खिलाफ लामबंद हो गए है। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज एंड इंजीनियर ने इस बिल को जन, कर्मचारी-इंजीनियर व राष्ट्र विरोधी बताते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। आंदोलन का ऐलान करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली में कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी।
इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व आल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने रविवार को सेक्टर-7 स्थित जिला कार्यालय में आयोजित सर्कल कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। सर्कल सचिव अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा जन सेवाओं एवं रोजगार को बचाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले नागरिक सम्मेलनों और केन्द्र सरकार की जन एवं मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 30 सितंबर को संसद मार्ग पर होने वाली राष्ट्रीय कन्वेशन में शामिल होने का निर्णय लिया। सुभाष लांबा ने कहा कि केन्द्र सरकार कर्मचारियों, इंजीनियरों और जनता के विरोध के बावजूद प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल को संसद के सत्र में पारित करवाने की तैयारी में है।
अगर यह बिल पारित होता है तो बिजली वितरण के काम को भी निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। इसके लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाएंगे। उपभोक्ताओं के पास सरकारी व निजी कंपनियों से बिजली लेने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि सब्सिडी व क्रास सब्सिडी खत्म हो जाएगी। जिससे बिजली की दरें बढ़ेंगी। कृषि क्षेत्र व गरीब उपभोक्ताओं की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कर्मचारी- इंजीनियर व राष्ट्र विरोधी बिजली संशोधन बिल का डटकर विरोध करने का आह्वान किया। इस बैठक में करतार सिंह, रमेश चन्द्र तेवतिया, सतीश छाबड़ी, कृष्ण चंद्र, कुलबीर सिंह सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व आल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने रविवार को सेक्टर-7 स्थित जिला कार्यालय में आयोजित सर्कल कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। सर्कल सचिव अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा जन सेवाओं एवं रोजगार को बचाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले नागरिक सम्मेलनों और केन्द्र सरकार की जन एवं मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 30 सितंबर को संसद मार्ग पर होने वाली राष्ट्रीय कन्वेशन में शामिल होने का निर्णय लिया। सुभाष लांबा ने कहा कि केन्द्र सरकार कर्मचारियों, इंजीनियरों और जनता के विरोध के बावजूद प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल को संसद के सत्र में पारित करवाने की तैयारी में है।
विज्ञापन
अगर यह बिल पारित होता है तो बिजली वितरण के काम को भी निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। इसके लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाएंगे। उपभोक्ताओं के पास सरकारी व निजी कंपनियों से बिजली लेने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि सब्सिडी व क्रास सब्सिडी खत्म हो जाएगी। जिससे बिजली की दरें बढ़ेंगी। कृषि क्षेत्र व गरीब उपभोक्ताओं की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कर्मचारी- इंजीनियर व राष्ट्र विरोधी बिजली संशोधन बिल का डटकर विरोध करने का आह्वान किया। इस बैठक में करतार सिंह, रमेश चन्द्र तेवतिया, सतीश छाबड़ी, कृष्ण चंद्र, कुलबीर सिंह सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन