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Faridabad News: यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की कवायद, गौंछी ड्रेन के जहरीले पानी पर कसेगा शिकंजा
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गोंछी ट्रेन की फाइल फोटो।
- फोटो : 1
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में शामिल फरीदाबाद में यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम फरीदाबाद ने यमुना एक्शन प्लान के तहत गौंछी ड्रेन में गिरने वाले बिना उपचारित सीवेज को रोकने और उसे सीवरेज तंत्र से जोड़ने के लिए 2.12 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस कार्य को चार माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
फरीदाबाद की आबादी 15 लाख से अधिक है और शहर के कई हिस्सों में अभी भी सीवेज प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। शहर से निकलने वाले कई छोटे-बड़े नाले और ड्रेन अंत में यमुना नदी में जाकर मिलते हैं। इनमें गौंछी ड्रेन भी प्रमुख है जिसके माध्यम से बड़ी मात्रा में गंदा पानी यमुना तक पहुंचता रहा है। लंबे समय से पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी इस समस्या को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
यमुना एक्शन प्लान को मिलेगी मजबूती
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार परियोजना का मुख्य उद्देश्य गौंछी ड्रेन में गिरने वाले उन सीवेज पॉइंट्स को टैप करना है, जहां से बिना उपचारित पानी सीधे ड्रेन में पहुंच रहा है। इसके बाद इस पानी को निर्धारित सीवरेज नेटवर्क और उपचार व्यवस्था की ओर मोड़ा जाएगा। यमुना नदी हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए जल का महत्वपूर्ण स्रोत है। फरीदाबाद से गुजरने वाले नालों और ड्रेनों के कारण नदी में प्रदूषण बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में यह परियोजना यमुना में प्रदूषित जल के प्रवाह को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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चार महीने में पूरा होगा काम
नगर निगम की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार परियोजना का कार्यकाल 120 दिन रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। परियोजना के दौरान आवश्यक स्थानों पर खुदाई, पाइपलाइन बिछाने और पंपिंग व्यवस्था विकसित करने का कार्य किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से रोका जाएगा गंदा पानी
परियोजना में उच्च क्षमता वाले नॉन-क्लॉग सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे, जो भारी मात्रा में गंदे पानी को बिना रुकावट संचालित कर सकेंगे। इसके अलावा स्टेनलेस स्टील गेट वॉल्व और फ्लोटिंग बैरियर लगाए जाएंगे ताकि कचरा, प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट आगे न बढ़ सके। ड्रेन के विभिन्न हिस्सों में नई आरसीसी और डक्टाइल आयरन पाइपलाइनें भी बिछाई जाएंगी। इनकी मदद से गंदे पानी का प्रवाह नियंत्रित किया जाएगा और उसे सीधे ड्रेन में जाने से रोका जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जल गुणवत्ता में सुधार होगा और ड्रेन के आसपास रहने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
गौंछी, मुजेसर, संजय कॉलोनी, डबुआ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय से बदबू, जलभराव और प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ता है। गर्मियों और बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रेन में जमा गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी सामने आती हैं। परियोजना पूरी होने के बाद ड्रेन में गंदे पानी की मात्रा कम होने, दुर्गंध घटने और आसपास के वातावरण में सुधार की उम्मीद है। इससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
शहर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक पर कार्रवाई
फरीदाबाद में बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के बीच सीवेज प्रबंधन लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। यमुना एक्शन प्लान के तहत गौंछी ड्रेन की यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि शहर की पर्यावरणीय स्थिति सुधारने की बड़ी पहल मानी जा रही है। यदि यह योजना तय समय में पूरी होती है तो यमुना में जाने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा कम होगी और स्वच्छ नदी के लक्ष्य को हासिल करने में फरीदाबाद की भूमिका और मजबूत होगी।
यमुना को साफ करने के लिए प्रशासन कई स्तरों पर काम कर रहा है। निगम की तरफ से भी इस मामले पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है । धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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फरीदाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में शामिल फरीदाबाद में यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम फरीदाबाद ने यमुना एक्शन प्लान के तहत गौंछी ड्रेन में गिरने वाले बिना उपचारित सीवेज को रोकने और उसे सीवरेज तंत्र से जोड़ने के लिए 2.12 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस कार्य को चार माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
फरीदाबाद की आबादी 15 लाख से अधिक है और शहर के कई हिस्सों में अभी भी सीवेज प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। शहर से निकलने वाले कई छोटे-बड़े नाले और ड्रेन अंत में यमुना नदी में जाकर मिलते हैं। इनमें गौंछी ड्रेन भी प्रमुख है जिसके माध्यम से बड़ी मात्रा में गंदा पानी यमुना तक पहुंचता रहा है। लंबे समय से पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी इस समस्या को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
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यमुना एक्शन प्लान को मिलेगी मजबूती
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार परियोजना का मुख्य उद्देश्य गौंछी ड्रेन में गिरने वाले उन सीवेज पॉइंट्स को टैप करना है, जहां से बिना उपचारित पानी सीधे ड्रेन में पहुंच रहा है। इसके बाद इस पानी को निर्धारित सीवरेज नेटवर्क और उपचार व्यवस्था की ओर मोड़ा जाएगा। यमुना नदी हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए जल का महत्वपूर्ण स्रोत है। फरीदाबाद से गुजरने वाले नालों और ड्रेनों के कारण नदी में प्रदूषण बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में यह परियोजना यमुना में प्रदूषित जल के प्रवाह को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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चार महीने में पूरा होगा काम
नगर निगम की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार परियोजना का कार्यकाल 120 दिन रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। परियोजना के दौरान आवश्यक स्थानों पर खुदाई, पाइपलाइन बिछाने और पंपिंग व्यवस्था विकसित करने का कार्य किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से रोका जाएगा गंदा पानी
परियोजना में उच्च क्षमता वाले नॉन-क्लॉग सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे, जो भारी मात्रा में गंदे पानी को बिना रुकावट संचालित कर सकेंगे। इसके अलावा स्टेनलेस स्टील गेट वॉल्व और फ्लोटिंग बैरियर लगाए जाएंगे ताकि कचरा, प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट आगे न बढ़ सके। ड्रेन के विभिन्न हिस्सों में नई आरसीसी और डक्टाइल आयरन पाइपलाइनें भी बिछाई जाएंगी। इनकी मदद से गंदे पानी का प्रवाह नियंत्रित किया जाएगा और उसे सीधे ड्रेन में जाने से रोका जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जल गुणवत्ता में सुधार होगा और ड्रेन के आसपास रहने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
गौंछी, मुजेसर, संजय कॉलोनी, डबुआ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय से बदबू, जलभराव और प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ता है। गर्मियों और बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ड्रेन में जमा गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी सामने आती हैं। परियोजना पूरी होने के बाद ड्रेन में गंदे पानी की मात्रा कम होने, दुर्गंध घटने और आसपास के वातावरण में सुधार की उम्मीद है। इससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
शहर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक पर कार्रवाई
फरीदाबाद में बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के बीच सीवेज प्रबंधन लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। यमुना एक्शन प्लान के तहत गौंछी ड्रेन की यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि शहर की पर्यावरणीय स्थिति सुधारने की बड़ी पहल मानी जा रही है। यदि यह योजना तय समय में पूरी होती है तो यमुना में जाने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा कम होगी और स्वच्छ नदी के लक्ष्य को हासिल करने में फरीदाबाद की भूमिका और मजबूत होगी।
यमुना को साफ करने के लिए प्रशासन कई स्तरों पर काम कर रहा है। निगम की तरफ से भी इस मामले पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है । धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त