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Faridabad News: डीटीपी विभाग ने एफएआर रेट्स में आठ वर्ष बाद 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
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डीटीपी विभाग ने एफएआर रेट्स में आठ वर्ष बाद 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
एफएआर रेट बढ़ने से शहर में मकान बनाना हुआ महंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फ्लोर एरिया रेश्यो रेट्स (एफएआर) में बढ़ोतरी होने से शहर में मकान बनाना महंगा हो गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने एफएआर रेट्स में आठ वर्ष बाद लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब लोगों को मकान निर्माण से पहले बढ़ी हुई फीस जमा करवानी होगी।
सेक्टर- 55 निवासी गुरमीत सिंह देओल ने बताया कि रेट जुलाई महीने से लागू हैं, लेकिन विभाग ने नोटिफिकेशन 10 सितंबर को जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 250 व 350 वर्ग मीटर के बीच के प्लॉट के लिए रेट 19 प्रतिशत बढ़ाए गए हैं। पहले रेट 3370 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जो अब बढ़कर 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए है। 350 व 450 वर्ग मीटर के बीच के प्लॉट के लिए नई दरें 5380 से बढ़कर साढ़े छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई है। इस श्रेणी में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 500 गर्व मीटर के बड़े प्लॉट के लिए एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिए गए हैं। इसमें लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पहले इस श्रेणी के रेट 8070 रुपये प्रति वर्ग मीटर थे।
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इसके अलावा सेक्टर- 33 निवासी केतन सूरी ने बताया कि विभाग ने जब रेश्यो रेट्स बढ़ा दिया है तो इससे मिलने वाले राजस्व को सेक्टरों के विकास व मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में खर्च किया जाना चाहिए और इन कार्यों की निगरानी में स्थानीय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ-साथ पार्ट परचेज एरिया खरीदने का ऑप्शन भी सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जाए। क्योंकि कई जगहों पर चार मंजिला फ्लैट बनाने की सुविधा न होने के कारण लोग तीन मंजिला फ्लैट का निर्माण एवं प्रारूप पास करवाते है लेकिन उन्हें पूरे चार मंजिल का ही परचेज एरिया कास्ट जमा करवाना पड़ता है। मौजूदा सॉफ्टवेयर की खामियों को भी दूर करना चाहिए। जो की पूरी तरह गलत है।
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वर्जन
विभाग की ओर से फिलहाल नया कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस प्रकार के रेट तीन माह पहले लागू किया गया था। यह रेश्यो रेट का लोगों पर ज्यादा भार नहीं पड़ता है।
-अमित मंडौलिया, डीटीपी
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एफएआर रेट बढ़ने से शहर में मकान बनाना हुआ महंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फ्लोर एरिया रेश्यो रेट्स (एफएआर) में बढ़ोतरी होने से शहर में मकान बनाना महंगा हो गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने एफएआर रेट्स में आठ वर्ष बाद लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब लोगों को मकान निर्माण से पहले बढ़ी हुई फीस जमा करवानी होगी।
सेक्टर- 55 निवासी गुरमीत सिंह देओल ने बताया कि रेट जुलाई महीने से लागू हैं, लेकिन विभाग ने नोटिफिकेशन 10 सितंबर को जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 250 व 350 वर्ग मीटर के बीच के प्लॉट के लिए रेट 19 प्रतिशत बढ़ाए गए हैं। पहले रेट 3370 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जो अब बढ़कर 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए है। 350 व 450 वर्ग मीटर के बीच के प्लॉट के लिए नई दरें 5380 से बढ़कर साढ़े छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई है। इस श्रेणी में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 500 गर्व मीटर के बड़े प्लॉट के लिए एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिए गए हैं। इसमें लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पहले इस श्रेणी के रेट 8070 रुपये प्रति वर्ग मीटर थे।
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इसके अलावा सेक्टर- 33 निवासी केतन सूरी ने बताया कि विभाग ने जब रेश्यो रेट्स बढ़ा दिया है तो इससे मिलने वाले राजस्व को सेक्टरों के विकास व मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में खर्च किया जाना चाहिए और इन कार्यों की निगरानी में स्थानीय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ-साथ पार्ट परचेज एरिया खरीदने का ऑप्शन भी सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जाए। क्योंकि कई जगहों पर चार मंजिला फ्लैट बनाने की सुविधा न होने के कारण लोग तीन मंजिला फ्लैट का निर्माण एवं प्रारूप पास करवाते है लेकिन उन्हें पूरे चार मंजिल का ही परचेज एरिया कास्ट जमा करवाना पड़ता है। मौजूदा सॉफ्टवेयर की खामियों को भी दूर करना चाहिए। जो की पूरी तरह गलत है।
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वर्जन
विभाग की ओर से फिलहाल नया कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस प्रकार के रेट तीन माह पहले लागू किया गया था। यह रेश्यो रेट का लोगों पर ज्यादा भार नहीं पड़ता है।
-अमित मंडौलिया, डीटीपी