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Faridabad News: हाइवे के चाैड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहरण पर बढ़ा विवाद

Mon, 22 Sep 2025 05:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 22 Sep 2025 05:41 PM IST
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dsgdf
-पलवल- अलीगढ़ नेशनल की बढ़ाई जानी है चाैड़ाई, किसानों ने 8 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की मांग उठाई
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- पेलक, सीहौल, मीसा, चांदहट और रहीमपुर गांव हो रहे हैं प्रभावित
- किसान मोर्चा ने जलभराव से नष्ट फसलों के लिए 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा की रखी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा ने पलवल–अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 के चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। मोर्चा के नेताओं का कहना है कि के.जी.पी. से लेकर यमुना पुल तक पेलक, सीहौल, मीसा, चांदहट और रहीमपुर गांव की किसानों की जमीन ली जा रही है। प्रभावित किसानों और भूमिधारकों को जो अवार्ड घोषित किया गया है, वह बाजार दर के मुकाबले बेहद कम है।

किसान मोर्चा नेताओं का कहना है कि वर्तमान में इस क्षेत्र की जमीन का मार्केट रेट करीब 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है, जबकि सरकार ने शुरुआत में केवल 45 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा घोषित किया है। किसान नेताओं ने इसे किसानों की जमीन की सीधी लूट बताया। मोर्चा के मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, रूप राम तेवतिया, धर्मचंद और ताराचंद प्रधान ने घुघेरा गांव में बैठक के बाद स्पष्ट किया कि सरकार को यह अवार्ड बढ़ाकर मार्केट रेट के अनुसार करना चाहिए। किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि प्रभावित किसानों की लड़ाई में संगठन कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
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जलभराव से नष्ट हुई फसल के लिए मांगा मुआवजा
इसके साथ ही किसान नेताओं ने पलवल जिले में बारिश और जलभराव से चौपट हुई खरीफ फसलों पर भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा पहले ही कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुका है और 10–11 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय पर धरना–प्रदर्शन भी किया गया। 18 सितंबर को किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त हरीशचंद्र वशिष्ठ से मिला और विशेष गिरदावरी कराकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग दोहराई।
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हालांकि उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र गिरदावरी कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन 22 सितंबर तक अधिकांश गांवों में खेतों पर जाकर गिरदावरी नहीं की गई। साथ ही जलभराव की निकासी के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसान नेताओं का कहना है कि यह प्रशासन की लापरवाही है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। मोर्चा ने जिला प्रशासन से तत्काल मांग की है कि जिन किसानों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में जा रही है, उन्हें 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और बारिश से प्रभावित किसानों को तुरंत गिरदावरी कराकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
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