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Faridabad News: फरीदाबाद से कहीं और जाकर परिवार बसाने की तैयारी में थे डॉ. शाहीन और मुजम्मिल

Tue, 02 Dec 2025 12:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:14 AM IST
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Dr. Shaheen and Muzammil were preparing to move from Faridabad to settle their family somewhere else.
दोनों ने यूनिवर्सिटी में अन्य लोगों को निकाह करना बताया था
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किराये पर मकान लेकर कुछ करीबी लोगों को पार्टी भी दे चुके थे दोनों आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े दो अहम आरोपी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल फरीदाबाद से कहीं और जाकर अपना परिवार बसाने की तैयारी में थे। दोनों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में रहने के दौरान ही इसको लेकर बीते 3-4 महीने से भूमिका बनानी भी शुरू कर दी थी।
यहां अपने अन्य सहयोगियों को उन्होंने बताया था कि दोनों ने निकाह कर लिया था। इसके लिए पास के इलाके में एक मकान किराये पर लेकर वहां अपने कुछ नजदीकी लोगों को दावत भी दोनों ने मिलकर दी थी। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल से पूछताछ में ये सब बातें पता चली हैं। पूछताछ में इन्होंने कबूला है कि मौलवी इश्तियाक ने ही दोनों का निकाह कराया था। खास बात ये है कि जैश की महिला कमांडर के तौर पर काम कर रही डॉ. शाहीन के पास ही टेरर फंडिंग के रुपये आते थे। ये ही आगे उन रुपयों को अन्य लोगों में बांटती थी। इसमें सबसे अधिक रुपये वो डॉ. मुजम्मिल को ही देती थी। इसके साथ ही वो निजी तौर पर भी डॉ. मुजम्मिल पर काफी खर्च करती थी। अपनी कार के अलावा उसने लगभग 10 लाख रुपये नकद भी डॉ. मुजम्मिल को दिए थे।
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जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल पूछताछ में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहे हैं। दोनों ही जांच एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ये खुद की बजाय आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क का सरगना दिल्ली धमाके में मारे जा रहे डॉ. उमर को बता रहे हैं। लेकिन अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. शाहीन की मौजूदगी में इसके क्वार्टर से खोले गए डिजिटल लॉकर से मिले 18.50 लाख रुपये नकद और 300 ग्राम सोना कुछ और ही बयां कर रहे हैं। जांच एजेंसी अब शाहीन से पूछताछ कर ये पता लगा रही है कि ये रुपये उसके पास कब और कहां से आए।
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