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Faridabad News: एनआईटी इलाके में केमिकल खरीदने व शॉपिंग करने आते थे डॉ. शाहीन व मुजम्मिल
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जांच एजेंसी दुकानदारों की पहचान करने में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जैश की महिला विंग की कमांडर डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी धौज से कई बार कार में सवार होकर एनआईटी इलाके में आते थे। यहां वे अलग-अलग केमिकल शॉप पर आने के साथ ही एनआईटी की मार्केट से खरीदारी भी करते थे।
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपी कई बार अपनी स्विफ्ट व ब्रेजा कार में सवार होकर यहां आए। एक-दो बार इन दोनों के साथ दिल्ली धमाके में मारा जा चुका डॉ. उमर भी मार्केट में आया था। ये वही स्विफ्ट कार थी जिसके अंदर से विदेशी असाल्ट राइफल क्रिनकोव, विदेशी पिस्टल व मैगजीन पुलिस ने 8 नवंबर को बरामद की थी।जांच एजेंसी के अधिकारियों की मानें तो एनआईटी इलाके में उन दुकानदारों व दुकानों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां पर डॉ. शाहीन व मुजम्मिल आते थे। इनमें केमिकल बेचने वाले दुकानदार के अलावा कई ऐसी गारमेंट्स व अन्य दुकानें शामिल हैं, जहां से दोनों अक्सर खरीदारी भी करते थे। जांच एजेंसी इनसे पूछताछ कर ये पता लगा रही है कि किन-किन दुकानों पर ये खरीदारी करने कब-कब गए और वहां से क्या-क्या सामान इन्होंने खरीदा था।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अब भी कई अन्य लोग ऐसे हो सकते हैं जो इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी से मामला सामने आने के बाद भाग चुके लगभग 20 लोगों में वे आरोपी शामिल हो सकते हैं। इनमें कई लोग ऐसे हैं जो सीधे तौर पर इस टेरर मॉड्यूल में शामिल रहे हैं। जबकि कई लोग ऐसे भी हैं जो इनके महज संपर्क में रहने के चलते डर के कारण यहां से भाग गए हैं। इन लोगों में कई लोग जम्मू कश्मीर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस की टीमें इन लोगों की तलाश अपने-अपने स्तर पर कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जैश की महिला विंग की कमांडर डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी धौज से कई बार कार में सवार होकर एनआईटी इलाके में आते थे। यहां वे अलग-अलग केमिकल शॉप पर आने के साथ ही एनआईटी की मार्केट से खरीदारी भी करते थे।
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपी कई बार अपनी स्विफ्ट व ब्रेजा कार में सवार होकर यहां आए। एक-दो बार इन दोनों के साथ दिल्ली धमाके में मारा जा चुका डॉ. उमर भी मार्केट में आया था। ये वही स्विफ्ट कार थी जिसके अंदर से विदेशी असाल्ट राइफल क्रिनकोव, विदेशी पिस्टल व मैगजीन पुलिस ने 8 नवंबर को बरामद की थी।जांच एजेंसी के अधिकारियों की मानें तो एनआईटी इलाके में उन दुकानदारों व दुकानों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां पर डॉ. शाहीन व मुजम्मिल आते थे। इनमें केमिकल बेचने वाले दुकानदार के अलावा कई ऐसी गारमेंट्स व अन्य दुकानें शामिल हैं, जहां से दोनों अक्सर खरीदारी भी करते थे। जांच एजेंसी इनसे पूछताछ कर ये पता लगा रही है कि किन-किन दुकानों पर ये खरीदारी करने कब-कब गए और वहां से क्या-क्या सामान इन्होंने खरीदा था।
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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अब भी कई अन्य लोग ऐसे हो सकते हैं जो इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी से मामला सामने आने के बाद भाग चुके लगभग 20 लोगों में वे आरोपी शामिल हो सकते हैं। इनमें कई लोग ऐसे हैं जो सीधे तौर पर इस टेरर मॉड्यूल में शामिल रहे हैं। जबकि कई लोग ऐसे भी हैं जो इनके महज संपर्क में रहने के चलते डर के कारण यहां से भाग गए हैं। इन लोगों में कई लोग जम्मू कश्मीर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस की टीमें इन लोगों की तलाश अपने-अपने स्तर पर कर रही है।
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