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‘दफ्तर में सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन न हो’
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फरीदाबाद। नगर निगम नवनियुक्त आयुक्त यशपाल यादव ने बृहस्पतिवार को इंजीनियरिंग ब्रांच अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने सभी को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उनके दफ्तर में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कोई प्रदर्शन करने नहीं आना चाहिए।
अधिकारी लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए संबंधित कार्यकारी अभियंता सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बेहतर होगा कि अधिकारी समय पर लोगों का काम करें जिससे उन्हें परेशान न होना पड़े। नगर निगम में 40 वार्ड आते हैं। इनमें करीब 20 लाख से अधिक की आबादी रहती है। इन वार्डों में पीने के पानी की सुविधा, सीवर, सड़क, पार्क, सफाई आदि की समस्याओं का अंबार लगा है। सबसे अधिक बुरा हाल एनआईटी और बड़खल क्षेत्र का है। इन क्षेत्रों से आए दिन लोग नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन करते रहते हैं।
निगम के अधिकारी इन समस्याओं को दूर करने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। यशपाल यादव ने कहा कि जनता की समस्या को सुलझाना अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। तभी हम लोगों को बेहतर सुविधाएं दे सकेंगे। शहर में सबसे बड़ी समस्याएं पानी, सड़क, सीवर की है। इन्हें दूर करने के लिए इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारी मुस्तैदी से काम करें। सभी अधिकारियों को सुबह 11 से 12 दफ्तर में रह कर आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए।
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अधिकारी लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए संबंधित कार्यकारी अभियंता सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बेहतर होगा कि अधिकारी समय पर लोगों का काम करें जिससे उन्हें परेशान न होना पड़े। नगर निगम में 40 वार्ड आते हैं। इनमें करीब 20 लाख से अधिक की आबादी रहती है। इन वार्डों में पीने के पानी की सुविधा, सीवर, सड़क, पार्क, सफाई आदि की समस्याओं का अंबार लगा है। सबसे अधिक बुरा हाल एनआईटी और बड़खल क्षेत्र का है। इन क्षेत्रों से आए दिन लोग नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन करते रहते हैं।
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निगम के अधिकारी इन समस्याओं को दूर करने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। यशपाल यादव ने कहा कि जनता की समस्या को सुलझाना अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। तभी हम लोगों को बेहतर सुविधाएं दे सकेंगे। शहर में सबसे बड़ी समस्याएं पानी, सड़क, सीवर की है। इन्हें दूर करने के लिए इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारी मुस्तैदी से काम करें। सभी अधिकारियों को सुबह 11 से 12 दफ्तर में रह कर आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए।
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