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पानी न दो, लेकिन आशियाना मत तोड़ो
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फरीदाबाद। गांव खोरी में तोड़फोड़ के आदेश आने के बाद से लोग डरे और सहमे हुए है। हर कोई अपने आशियाने को बचाने के प्रयास में लगा हुआ है। वहीं नगर निगम द्वारा बिजली-पानी कनेक्शन कटने के बाद भी लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि भले ही हमें पानी न दो, लेकिन आशियाना मत तोड़ो।
सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से बसे गांव खोरी में तोड़फोड़ कर नगर निगम को जमीन खाली करवाने के आदेश दिए थे। यहां अवैध रूप से बसे करीब 10 हजार घरों को तोड़ा जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम, पुलिस प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तोड़फोड़ की कार्रवाई से पूर्व दो बार पुलिस प्रशासन की ओर से गांव में फ्लैग मार्च निकाला जा चुका है। अधिकारी लोगों से लगातार घरों को खाली करने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि तोड़फोड़ से पहले लोगों को कुछ समय दिया गया है, जिससे लोग घरों को स्वयं खाली कर दें। उनका ज्यादा नुकसान न हो। लोगों को जागरूक करने के लिए निगम की ओर से लगातार मुनादी कराई जा रही है। हालांकि लोग सरकार से तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा तोड़फोड़ से पहले उन्हें दूसरी जगह घर देने की भी मांग की जा रही है।
हालांकि सरकार ने खोरी गांव के पुनर्वास के प्रशासन को आदेश दिए है। लेकिन जैसे-जैसे तोड़फोड़ के लिए छह सप्ताह का समय नजदीक आ रहा है। लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ती जा रही है। नगर निगम की ओर से लोगों का बिजली-पानी जैसे मूलभूत सुविधाएं पहले ही बंद की जा चुकी है। ऐसे में लोग दिल्ली सीमा से पानी लाकर काम चला रहे हैं। एक-एक किलोमीटर से पानी भर के लाने के बावजूद लोग घरों को खाली करके नहीं जाना चाहते हैं। गांव निवासी, पूजा, सपना, सुशीला देवी, संगीता आदि ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें पानी भले ही बिल्कुल न दें, लेकिन उनके घर न तोड़े।
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घरों में अभी भी डटे हैं लोग
स्थानीय निवासी रोशनलाल, पुष्पा, देववति ने बताया कि लोग घरों को खाली जरूर कर रहे हैं, लेकिन जमीन को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। गांव में नगर निगम और बिजली निगम द्वारा बिजली पानी बंद किए जाने के बाद अनेक लोग किराए के मकानों में चले गए हैं। वे लोग भी अब वापस लौट रहे हैं। लोगों को डर है कि प्रशासन रात के समय घर खाली देख कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई कर सकता है। इसलिए घर को खाली नहीं छोड़ते है।
वर्जन
हमारी तरफ से तैयारियां पूरी है। लोगों को जल्द से जल्द घरों को खाली करने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी अगर लोग घरों को खाली नहीं करेंगे, तो निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त
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सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से बसे गांव खोरी में तोड़फोड़ कर नगर निगम को जमीन खाली करवाने के आदेश दिए थे। यहां अवैध रूप से बसे करीब 10 हजार घरों को तोड़ा जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम, पुलिस प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तोड़फोड़ की कार्रवाई से पूर्व दो बार पुलिस प्रशासन की ओर से गांव में फ्लैग मार्च निकाला जा चुका है। अधिकारी लोगों से लगातार घरों को खाली करने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि तोड़फोड़ से पहले लोगों को कुछ समय दिया गया है, जिससे लोग घरों को स्वयं खाली कर दें। उनका ज्यादा नुकसान न हो। लोगों को जागरूक करने के लिए निगम की ओर से लगातार मुनादी कराई जा रही है। हालांकि लोग सरकार से तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा तोड़फोड़ से पहले उन्हें दूसरी जगह घर देने की भी मांग की जा रही है।
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हालांकि सरकार ने खोरी गांव के पुनर्वास के प्रशासन को आदेश दिए है। लेकिन जैसे-जैसे तोड़फोड़ के लिए छह सप्ताह का समय नजदीक आ रहा है। लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ती जा रही है। नगर निगम की ओर से लोगों का बिजली-पानी जैसे मूलभूत सुविधाएं पहले ही बंद की जा चुकी है। ऐसे में लोग दिल्ली सीमा से पानी लाकर काम चला रहे हैं। एक-एक किलोमीटर से पानी भर के लाने के बावजूद लोग घरों को खाली करके नहीं जाना चाहते हैं। गांव निवासी, पूजा, सपना, सुशीला देवी, संगीता आदि ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें पानी भले ही बिल्कुल न दें, लेकिन उनके घर न तोड़े।
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घरों में अभी भी डटे हैं लोग
स्थानीय निवासी रोशनलाल, पुष्पा, देववति ने बताया कि लोग घरों को खाली जरूर कर रहे हैं, लेकिन जमीन को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। गांव में नगर निगम और बिजली निगम द्वारा बिजली पानी बंद किए जाने के बाद अनेक लोग किराए के मकानों में चले गए हैं। वे लोग भी अब वापस लौट रहे हैं। लोगों को डर है कि प्रशासन रात के समय घर खाली देख कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई कर सकता है। इसलिए घर को खाली नहीं छोड़ते है।
वर्जन
हमारी तरफ से तैयारियां पूरी है। लोगों को जल्द से जल्द घरों को खाली करने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी अगर लोग घरों को खाली नहीं करेंगे, तो निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त