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जिला प्रशासन के पास तोड़फोड़ के लिए एक सप्ताह का समय
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फरीदाबाद। गांव खोरी में तोड़फोड़ के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन के पास अब केवल एक सप्ताह का समय बचा है। जिसमें प्रशासन को करीब 10 हजार मकान तोड़ने हैं और 19 जुलाई तक कार्रवाई रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करनी है। ऐसे में विभाग अधिकारियों के होश उड़े हुए है। हालांकि प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित है, क्योंकि पहले हुई तोड़फोड़ के बाद अभी तक कुछ ही घरों का मलबा उठाया जा सका है।
दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद बार्डर पर वन क्षेत्र और नगर निगम की जमीन पर बसे खोरी गांव तोड़फोड़ को लेकर सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने जंगल की जमीन को पूरी तरह मुक्त कराने का आदेश जारी किया था। नगर निगम और जिला प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए टीम गठित की। इसके लिए 1500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। जिनमें 500 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके साथ ही निगम ने खोरी में मुनादी करवाकर लोगों को अपने मकान खुद हटाने के आदेश दिए। गांव में नोटिस लगाए गए हैं। तोड़फोड़ के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। इस बीच प्रशासन कई बार समीक्षा बैठक कर सभी विभाग की तैयारी का जायजा लिया। लेकिन, कुछ समय बाद मामला शांत हो गया। हाल ही में प्रशासन की ओर से लोगों को अपने घरों को खुद खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया। खोरी गांव की सरदार कॉलोनी को प्रशासन ने खाली करवा दिया। लेकिन अभी भी काफी कार्रवाई होनी बाकी है।
रविवार को अधिकारियों ने किया आराम
खोरी में रविवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई। तोड़फोड़ के लिए गए पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को एक दिन आराम करने का समय दिया गया है। इससे सोमवार को खोरी में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ की संभावना जताई जा रही हैं। समय कम होने के कारण अब गांव में कभी भी तोड़फोड़ शुरू की जा सकती है।
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वर्जन
नगर निगम की ओर से लोगों को घर खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया गया था, जो समाप्त हो गया। अब केवल तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त
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दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद बार्डर पर वन क्षेत्र और नगर निगम की जमीन पर बसे खोरी गांव तोड़फोड़ को लेकर सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने जंगल की जमीन को पूरी तरह मुक्त कराने का आदेश जारी किया था। नगर निगम और जिला प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए टीम गठित की। इसके लिए 1500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। जिनमें 500 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके साथ ही निगम ने खोरी में मुनादी करवाकर लोगों को अपने मकान खुद हटाने के आदेश दिए। गांव में नोटिस लगाए गए हैं। तोड़फोड़ के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। इस बीच प्रशासन कई बार समीक्षा बैठक कर सभी विभाग की तैयारी का जायजा लिया। लेकिन, कुछ समय बाद मामला शांत हो गया। हाल ही में प्रशासन की ओर से लोगों को अपने घरों को खुद खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया। खोरी गांव की सरदार कॉलोनी को प्रशासन ने खाली करवा दिया। लेकिन अभी भी काफी कार्रवाई होनी बाकी है।
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रविवार को अधिकारियों ने किया आराम
खोरी में रविवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई। तोड़फोड़ के लिए गए पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को एक दिन आराम करने का समय दिया गया है। इससे सोमवार को खोरी में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ की संभावना जताई जा रही हैं। समय कम होने के कारण अब गांव में कभी भी तोड़फोड़ शुरू की जा सकती है।
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नगर निगम की ओर से लोगों को घर खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया गया था, जो समाप्त हो गया। अब केवल तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त