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Faridabad News: स्वच्छता पर सवाल उठा रहे शहर के बदहाल सार्वजनिक शौचालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। स्वच्छ भारत मिशन के दावे और नगर परिषद की योजनाएं सिर्फ कागजों पर चमक रही हैं, जबकि शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की असलियत चिंताजनक है। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड, सब्जी मंडी, अनाज मंडी तक बने शौचालय बदहाली की इंतिहा बता रहे हैं। कई शौचालय बंद हैं, कई टूटे हुए हैं, तो कई गंदगी और बदबू से अटे पड़े हैं।
दिव्यांग शौचालय पर ताला, यात्री मजबूर : रेलवे स्टेशन परिसर में बना शौचालय पूरी तरह जर्जर है। वॉशबेसिन टूटा है और अंदर गंदगी का अंबार है। सबसे दुखद हाल यह है कि दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए शौचालय पर ताला लटका हुआ है। जिसके कारण जरूरतमंद यात्री बेहद परेशान हो जाते हैं और कई यात्री खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं।
बस स्टैंड: यात्री खुले में शौच करने को विवश : बस स्टैंड परिसर के शौचालयों में बदबू और गंदगी फैली रहती है। कई दिनों से शौचालय पर ताला लटका हुआ है। मजबूरी में यात्री खुले में शौच करते हुए नजर आ जाते हैं। थोड़ी-सी बारिश में ही शौचालय के बाहर जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।
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सब्जी मंडी: स्नान घर में नहीं है नल :
सब्जी मंडी में बना शौचालय देखकर लगता है जैसे यह कई दशक पुराना हो। शौचालय के बाहर खुली नाली बह रही है, अंदर नलों की व्यवस्था नहीं है और गेट टूटा पड़ा है। बदबू और गंदगी के कारण लोग मजबूरी में इसका इस्तेमाल करते हैं। शौचालय में स्नान घर भी बनाया गया है। लेकिन स्नान घर में नल नहीं होने के कारण लोग इसका इस्तेमाल करने से वंचित रह जाते है। वहीं, कई शौचालय का गेट टूटा पड़ा हुआ है। अंदर गंदगी और टूटी टाइलें स्थिति को और भयावह बनाती हैं।
अनाज मंडी : हाल ही में अनाज मंडी में नया शौचालय बनाया गया है। इसके बावजूद भी शौचालय का गेट पूरी तरह टूट चुका है। किसानों को शौच करने के लिए गेट को हाथ से पकड़कर बैठना पड़ता है।
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की जर्जर स्थिति स्वच्छता अभियानों की वास्तविकता को उजागर कर रही है। आमजन ने नगर परिषद से तत्काल सुधार, नियमित सफाई और रखरखाव की मांग की है, ताकि शहर वास्तव में स्वच्छ बने, न कि सिर्फ कागजों में।
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पलवल। स्वच्छ भारत मिशन के दावे और नगर परिषद की योजनाएं सिर्फ कागजों पर चमक रही हैं, जबकि शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की असलियत चिंताजनक है। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड, सब्जी मंडी, अनाज मंडी तक बने शौचालय बदहाली की इंतिहा बता रहे हैं। कई शौचालय बंद हैं, कई टूटे हुए हैं, तो कई गंदगी और बदबू से अटे पड़े हैं।
दिव्यांग शौचालय पर ताला, यात्री मजबूर : रेलवे स्टेशन परिसर में बना शौचालय पूरी तरह जर्जर है। वॉशबेसिन टूटा है और अंदर गंदगी का अंबार है। सबसे दुखद हाल यह है कि दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए शौचालय पर ताला लटका हुआ है। जिसके कारण जरूरतमंद यात्री बेहद परेशान हो जाते हैं और कई यात्री खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं।
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बस स्टैंड: यात्री खुले में शौच करने को विवश : बस स्टैंड परिसर के शौचालयों में बदबू और गंदगी फैली रहती है। कई दिनों से शौचालय पर ताला लटका हुआ है। मजबूरी में यात्री खुले में शौच करते हुए नजर आ जाते हैं। थोड़ी-सी बारिश में ही शौचालय के बाहर जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।
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सब्जी मंडी: स्नान घर में नहीं है नल :
सब्जी मंडी में बना शौचालय देखकर लगता है जैसे यह कई दशक पुराना हो। शौचालय के बाहर खुली नाली बह रही है, अंदर नलों की व्यवस्था नहीं है और गेट टूटा पड़ा है। बदबू और गंदगी के कारण लोग मजबूरी में इसका इस्तेमाल करते हैं। शौचालय में स्नान घर भी बनाया गया है। लेकिन स्नान घर में नल नहीं होने के कारण लोग इसका इस्तेमाल करने से वंचित रह जाते है। वहीं, कई शौचालय का गेट टूटा पड़ा हुआ है। अंदर गंदगी और टूटी टाइलें स्थिति को और भयावह बनाती हैं।
अनाज मंडी : हाल ही में अनाज मंडी में नया शौचालय बनाया गया है। इसके बावजूद भी शौचालय का गेट पूरी तरह टूट चुका है। किसानों को शौच करने के लिए गेट को हाथ से पकड़कर बैठना पड़ता है।
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की जर्जर स्थिति स्वच्छता अभियानों की वास्तविकता को उजागर कर रही है। आमजन ने नगर परिषद से तत्काल सुधार, नियमित सफाई और रखरखाव की मांग की है, ताकि शहर वास्तव में स्वच्छ बने, न कि सिर्फ कागजों में।