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विकास कार्यों और प्रदूषण पर सेटेलाइट से रहेगी नजर
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फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में प्रदूषण समेत अन्य विकास कार्यों पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र की ओर से जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस लैब) लघु सचिवालय पर स्थापित किया जा रहा है।
योजना के अनुसार जीआईएस लैब में जिले से संबंधित जानकारियों को संकलित किया जाएगा। इसमें नगर निगम क्षेत्र को पहले शामिल किया जाएगा। इसके बाद एफएमडीए समेत अन्य विभागों का डाटा लिया जाएगा। योजना के अनुसार गांव का भू-रिकार्ड, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी, सीवरेज व्यवस्था, बिजली व पानी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी लैब में रखी जाएगी। इससे जुड़े लोगों का कहना है कि जीआईएस लैब का कई प्रकार से लाभ होगा। इसकी सहायता से भविष्य की विकास परियोजनाएं सुगमता से तैयार की जा सकेंगी। लैब में जिले का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। वहीं, स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में प्रदूषण की भी गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में जीआईएस लैब से सेटेलाइट की मदद से सही जानकारी मिल सकेगी। आग की घटनाओं की सही समय पर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही अपराध मैपिंग में भी मदद मिलेगी। पुलिस अपराध के लिहाज से भी खास क्षेत्रों को फोकस कर सकेगी।
सेटेलाइट का डेटा सीधे प्रयोग हो सकेगा
हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसैक) की जीआईएस लैब द्वारा जरूरत के अनुसार सेटेलाइट से डेटा सीधा प्रयोग में लाया जा सकेगा। डेटा पहले हिसार मुख्यालय से मंगाया जाता था। इस सिस्टम से शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों की व्यवस्था जुड़ जाएगी जिसमें पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और डिस्पोजल सिस्टम, ड्रेनेज, इलेक्ट्रिसिटी व रोड आदि का डाटा अपलोड होगा।
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जीआईएस लैब को स्थापित करने का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे क्राइम और प्रदूषण समेत अन्य अन्य विकास कार्यों को लागू करने व नजर रखने में मदद मिलेगी।
-निदेश कुमार, प्रोजेक्ट फेलो जीआईएस लैब
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योजना के अनुसार जीआईएस लैब में जिले से संबंधित जानकारियों को संकलित किया जाएगा। इसमें नगर निगम क्षेत्र को पहले शामिल किया जाएगा। इसके बाद एफएमडीए समेत अन्य विभागों का डाटा लिया जाएगा। योजना के अनुसार गांव का भू-रिकार्ड, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी, सीवरेज व्यवस्था, बिजली व पानी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी लैब में रखी जाएगी। इससे जुड़े लोगों का कहना है कि जीआईएस लैब का कई प्रकार से लाभ होगा। इसकी सहायता से भविष्य की विकास परियोजनाएं सुगमता से तैयार की जा सकेंगी। लैब में जिले का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। वहीं, स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में प्रदूषण की भी गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में जीआईएस लैब से सेटेलाइट की मदद से सही जानकारी मिल सकेगी। आग की घटनाओं की सही समय पर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही अपराध मैपिंग में भी मदद मिलेगी। पुलिस अपराध के लिहाज से भी खास क्षेत्रों को फोकस कर सकेगी।
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सेटेलाइट का डेटा सीधे प्रयोग हो सकेगा
हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसैक) की जीआईएस लैब द्वारा जरूरत के अनुसार सेटेलाइट से डेटा सीधा प्रयोग में लाया जा सकेगा। डेटा पहले हिसार मुख्यालय से मंगाया जाता था। इस सिस्टम से शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों की व्यवस्था जुड़ जाएगी जिसमें पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और डिस्पोजल सिस्टम, ड्रेनेज, इलेक्ट्रिसिटी व रोड आदि का डाटा अपलोड होगा।
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जीआईएस लैब को स्थापित करने का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे क्राइम और प्रदूषण समेत अन्य अन्य विकास कार्यों को लागू करने व नजर रखने में मदद मिलेगी।
-निदेश कुमार, प्रोजेक्ट फेलो जीआईएस लैब