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Faridabad News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मरोड़ा पुल कट की मांग तेज
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-स्थानीय लोगों ने सैनी और मोदी को सैकड़ों पोस्टकार्ड भेजकर उठाई आवाज
-हरियाणा सरकार के बजट से मांग पूरी होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मरोड़ा पुल के पास कट बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र में आंदोलन तेज हो गया है। नगीना, पिनगवां, पुन्हाना, होडल और तिजारा क्षेत्र के लोगों ने हरियाणा बजट से पहले बड़ा अभियान छेड़ते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैकड़ों पोस्टकार्ड भेजकर अपनी मांग रखी। लोगों का कहना है कि वर्ष 2022 से कट नहीं होने के कारण हजारों परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
घर पहुंचने को तरसते हैं ड्राइवर :
स्थानीय ट्रक ड्राइवर वसीम अहमद, समीम खान, जुनैद, तारीफ, वकील खान, मोहम्मद उस्मान और जुबेर ने बताया कि वे तीन-चार दिन में एक बार क्षेत्र में पहुंचते हैं, लेकिन मरोड़ा पुल पर ही गाड़ी खड़ी कर बच्चों से मिलकर वापस दिल्ली, मुंबई और गुजरात के लिए रवाना हो जाते हैं। उनका कहना है कि यदि यहां कट होता तो वे सीधे अपने गांव पहुंच सकते थे। करीब 15 हजार ट्रक ड्राइवर इस समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
अस्पताल 8 किमी फिर भी 50 किमी का चक्कर :
एक्सप्रेसवे पर ट्रामा सेंटर नहीं होने से दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। मरोड़ा पुल से जिला नागरिक अस्पताल की दूरी महज 8 किलोमीटर है, लेकिन कट नहीं होने के कारण घायलों को 40-50 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। कई मामलों में फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, दिल्ली और अलवर तक 70 से 120 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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- सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का समर्थन :
महर्षि दयानंद आदर्श गौशाला मरोड़ा, झिमरावट मदरसा मदीनुल उलूम, गालिब मौजी फाउंडेशन और जागो चलो महिला संगठन के प्रतिनिधियों ने भी कट की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कट बनने से क्षेत्र की धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
12 लाख की आबादी जुड़ी, बजट से उम्मीद :
मेवात आरटीआई मंच के अध्यक्ष सुबोध कुमार जैन के अनुसार इस मार्ग से करीब 12 लाख आबादी जुड़ी है। हाल ही में मरोड़ा और खानपुर घाटी में आयोजित डीसी रात्रि ठहराव कार्यक्रम में भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं, जहां मरोड़ा कट के लिए अलग बजट स्वीकृति की उम्मीद जताई जा रही है।
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-हरियाणा सरकार के बजट से मांग पूरी होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मरोड़ा पुल के पास कट बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र में आंदोलन तेज हो गया है। नगीना, पिनगवां, पुन्हाना, होडल और तिजारा क्षेत्र के लोगों ने हरियाणा बजट से पहले बड़ा अभियान छेड़ते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैकड़ों पोस्टकार्ड भेजकर अपनी मांग रखी। लोगों का कहना है कि वर्ष 2022 से कट नहीं होने के कारण हजारों परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
घर पहुंचने को तरसते हैं ड्राइवर :
स्थानीय ट्रक ड्राइवर वसीम अहमद, समीम खान, जुनैद, तारीफ, वकील खान, मोहम्मद उस्मान और जुबेर ने बताया कि वे तीन-चार दिन में एक बार क्षेत्र में पहुंचते हैं, लेकिन मरोड़ा पुल पर ही गाड़ी खड़ी कर बच्चों से मिलकर वापस दिल्ली, मुंबई और गुजरात के लिए रवाना हो जाते हैं। उनका कहना है कि यदि यहां कट होता तो वे सीधे अपने गांव पहुंच सकते थे। करीब 15 हजार ट्रक ड्राइवर इस समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
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अस्पताल 8 किमी फिर भी 50 किमी का चक्कर :
एक्सप्रेसवे पर ट्रामा सेंटर नहीं होने से दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। मरोड़ा पुल से जिला नागरिक अस्पताल की दूरी महज 8 किलोमीटर है, लेकिन कट नहीं होने के कारण घायलों को 40-50 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। कई मामलों में फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, दिल्ली और अलवर तक 70 से 120 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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- सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का समर्थन :
महर्षि दयानंद आदर्श गौशाला मरोड़ा, झिमरावट मदरसा मदीनुल उलूम, गालिब मौजी फाउंडेशन और जागो चलो महिला संगठन के प्रतिनिधियों ने भी कट की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कट बनने से क्षेत्र की धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
12 लाख की आबादी जुड़ी, बजट से उम्मीद :
मेवात आरटीआई मंच के अध्यक्ष सुबोध कुमार जैन के अनुसार इस मार्ग से करीब 12 लाख आबादी जुड़ी है। हाल ही में मरोड़ा और खानपुर घाटी में आयोजित डीसी रात्रि ठहराव कार्यक्रम में भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं, जहां मरोड़ा कट के लिए अलग बजट स्वीकृति की उम्मीद जताई जा रही है।