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Faridabad News: न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग तेज
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सीटू ने श्रमिकों का किया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-59 स्थित हेल्थ एंड लाइफ केयर लिमिटेड कंपनी में न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे श्रमिकों के आंदोलन का सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने समर्थन किया। शुक्रवार को सीटू पदाधिकारी प्लॉट नंबर एक और दो स्थित फैक्टरी पहुंचे और श्रमिकों के समर्थन में सभा की। इस दौरान मजदूरों के बीच हैंडबिल भी बांटे गए और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।
सीटू जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि फैक्टरी में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं, लेकिन उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा नौ अप्रैल को बढ़ाया गया न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। फैक्टरी में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। इनमें केवल 100 कर्मचारी कंपनी रोल पर हैं, जबकि करीब 900 श्रमिक ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे हैं। आरोप है कि ठेका श्रमिकों को डबल ओवरटाइम, बोनस और दूसरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। साथ ही पुराने और नए श्रमिकों को समान वेतन दिया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बनी हुई है।
सीटू नेताओं ने बताया कि सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए 15220 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 16780 रुपये और कुशल व उच्च कुशल श्रमिकों के लिए 18500 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन तय किया है। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन श्रम विभाग के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
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नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रम विभाग की ओर से अब तक मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि श्रमिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। सीटू नेताओं ने कहा कि यदि श्रमिकों की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-59 स्थित हेल्थ एंड लाइफ केयर लिमिटेड कंपनी में न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे श्रमिकों के आंदोलन का सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने समर्थन किया। शुक्रवार को सीटू पदाधिकारी प्लॉट नंबर एक और दो स्थित फैक्टरी पहुंचे और श्रमिकों के समर्थन में सभा की। इस दौरान मजदूरों के बीच हैंडबिल भी बांटे गए और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।
सीटू जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि फैक्टरी में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं, लेकिन उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा नौ अप्रैल को बढ़ाया गया न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। फैक्टरी में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। इनमें केवल 100 कर्मचारी कंपनी रोल पर हैं, जबकि करीब 900 श्रमिक ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे हैं। आरोप है कि ठेका श्रमिकों को डबल ओवरटाइम, बोनस और दूसरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। साथ ही पुराने और नए श्रमिकों को समान वेतन दिया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बनी हुई है।
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सीटू नेताओं ने बताया कि सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए 15220 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 16780 रुपये और कुशल व उच्च कुशल श्रमिकों के लिए 18500 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन तय किया है। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन श्रम विभाग के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
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नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रम विभाग की ओर से अब तक मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि श्रमिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। सीटू नेताओं ने कहा कि यदि श्रमिकों की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।