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Faridabad News: मृतकों को 30 लाख, घायलों को 10 लाख मुआवजे की मांग
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कालका स्टील हादसा मामला : अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुजेसर सेक्टर-24 स्थित कालका स्टील में 16 फरवरी की शाम हुए हादसे के बाद श्रमिक संगठनों ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग तेज कर दी है।
जन संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त, डिप्टी लेबर कमिश्नर तथा सेक्टर-16 स्थित क्षेत्रीय ईएसआईसी कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 30 लाख रुपये और गंभीर रूप से झुलसे घायलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही सभी प्रभावित मजदूरों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत पूर्ण चिकित्सीय सुविधा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
यूनियनों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं। उन्होंने श्रम विभाग और ईएसआईसी से संयुक्त अभियान चलाकर फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और श्रमिकों का ईएसआई पंजीकरण सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में एटक, हिंद मजदूर सभा, भारतीय मजदूर संघ, इंकलाबी मजदूर केंद्र, औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुजेसर सेक्टर-24 स्थित कालका स्टील में 16 फरवरी की शाम हुए हादसे के बाद श्रमिक संगठनों ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग तेज कर दी है।
जन संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त, डिप्टी लेबर कमिश्नर तथा सेक्टर-16 स्थित क्षेत्रीय ईएसआईसी कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 30 लाख रुपये और गंभीर रूप से झुलसे घायलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही सभी प्रभावित मजदूरों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत पूर्ण चिकित्सीय सुविधा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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यूनियनों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं। उन्होंने श्रम विभाग और ईएसआईसी से संयुक्त अभियान चलाकर फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और श्रमिकों का ईएसआई पंजीकरण सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में एटक, हिंद मजदूर सभा, भारतीय मजदूर संघ, इंकलाबी मजदूर केंद्र, औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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