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Faridabad News: सड़क मरम्मत शुल्क के नाम पर की गई वसूली की जांच कराने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीपीटीपी बिल्डर की प्लॉटेड कॉलोनियों को नगर निगम के हैंडओवर की प्रक्रिया के बीच निवासियों ने बिल्डर पर सड़क मरम्मत शुल्क के नाम पर की गई वसूली की जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में निवासियों ने एमसीएफ आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट का कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त किए बिना ही ग्राहकों से सड़क मरम्मत शुल्क के नाम पर 290 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से राशि वसूली है। निवासी सुमेर खत्री का कहना है कि कॉलोनियों में अभी भी कई मूलभूत विकास कार्य अधूरे हैं। ऐसे में इस प्रकार की वसूली की वैधता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि एमसीएफ हैंडओवर प्रक्रिया के दौरान सड़क मरम्मत शुल्क की विस्तृत जांच कराए। यदि जांच में वसूली नियमों के विपरीत पाई जाती है तो बिल्डर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ग्राहकों से ली गई राशि वापस कराई जाए। साथ ही सभी अधूरे विकास कार्य, वित्तीय दायित्व और विवादित वसूली का निस्तारण किए बिना कॉलोनियों का हैंडओवर स्वीकार नहीं किया जाए।
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फरीदाबाद। बीपीटीपी बिल्डर की प्लॉटेड कॉलोनियों को नगर निगम के हैंडओवर की प्रक्रिया के बीच निवासियों ने बिल्डर पर सड़क मरम्मत शुल्क के नाम पर की गई वसूली की जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में निवासियों ने एमसीएफ आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट का कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त किए बिना ही ग्राहकों से सड़क मरम्मत शुल्क के नाम पर 290 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से राशि वसूली है। निवासी सुमेर खत्री का कहना है कि कॉलोनियों में अभी भी कई मूलभूत विकास कार्य अधूरे हैं। ऐसे में इस प्रकार की वसूली की वैधता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
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ज्ञापन में मांग की गई है कि एमसीएफ हैंडओवर प्रक्रिया के दौरान सड़क मरम्मत शुल्क की विस्तृत जांच कराए। यदि जांच में वसूली नियमों के विपरीत पाई जाती है तो बिल्डर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ग्राहकों से ली गई राशि वापस कराई जाए। साथ ही सभी अधूरे विकास कार्य, वित्तीय दायित्व और विवादित वसूली का निस्तारण किए बिना कॉलोनियों का हैंडओवर स्वीकार नहीं किया जाए।
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