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अमन गुप्ता को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत: नाम-डीपफेक और फर्जी प्रचार पर रोक, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के आदेश
Sun, 10 May 2026 04:42 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Sun, 10 May 2026 04:42 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमन गुप्ता के नाम, तस्वीर और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अदालत ने डीपफेक, फर्जी प्रचार और आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए। गूगल समेत कई मंचों को संबंधित यूआरएल ब्लॉक करने और जानकारी साझा करने का आदेश मिला।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति और शार्क टैंक इंडिया के न्यायाधीश अमन गुप्ता के पक्ष में एकपक्षीय अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने कई संस्थाओं और ऑनलाइन मंचों को उनकी अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के इस्तेमाल से रोक दिया है। साथ ही, एआई से तैयार डीपफेक, फर्जी प्रचार और आपत्तिजनक सामग्री हटाने का भी निर्देश दिया गया है।
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न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि प्रथम दृष्टया अमन गुप्ता के पंजीकृत ट्रेडमार्क और व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। आरोपी विभिन्न ऑनलाइन मंचों के जरिए उनके नाम, नारा और व्यावसायिक पहचान का कथित रूप से फायदा उठा रहे थे। अदालत ने प्रतिवादी नंबर एक और छह से 45 तक के लोगों को बिना लिखित अनुमति के अमन गुप्ता का नाम, तस्वीर, वीडियो या पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का उपयोग करने से रोका। इसमें एआई और डीपफेक तकनीक का उपयोग भी शामिल है।
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कोर्ट ने प्रतिवादियों को ऐसे किसी भी सामान या सेवा को बेचने से भी रोका है, जिससे लगे कि उसे अमन गुप्ता का समर्थन प्राप्त है। गूगल और अन्य मध्यस्थ मंचों को संबंधित यूआरएल तुरंत हटाने, अवरुद्ध करने या टेकडाउन करने का निर्देश दिया गया। मंचों को कुछ खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी उपयोगकर्ता जानकारी साझा करने का भी आदेश मिला। अदालत ने अमन गुप्ता से जुड़ी अश्लील या मॉर्फ्ड सामग्री प्रकाशित करने से भी रोका।
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वरिष्ठ अधिवक्ता दिया कपूर ने अदालत को बताया कि अमन गुप्ता का नाम, तस्वीर और ट्रेडमार्क फर्जी कार्यक्रम बुकिंग वेबसाइटों में इस्तेमाल हो रहे थे। अनधिकृत सामान, फर्जी सोशल मीडिया खातों और एआई चैटबॉट सेवाओं में भी इनका दुरुपयोग हो रहा था। याचिका में कहा गया कि कई वेबसाइटें अमन गुप्ता को पैसे लेकर कार्यक्रमों में उपलब्ध दिखा रही थीं। उनके लोकप्रिय वाक्यांश “हम भी बना लेंगे” और “डाउन, बट नॉट आउट” वाले अनधिकृत सामान की बिक्री का भी आरोप था।
अदालत ने माना कि अमन गुप्ता ने बोट लाइफस्टाइल के सह-संस्थापक और शार्क टैंक इंडिया में उपस्थिति से व्यापक पहचान बनाई है। आदेश में उनके बड़े सोशल मीडिया अनुयायी और कारोबारी उपलब्धियों का भी उल्लेख है। हाईकोर्ट ने अमन गुप्ता को यह छूट भी दी कि यदि कोई नया उल्लंघन करने वाला मंच सामने आता है तो वह इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद संबंधित डोमेन नाम बंद या निलंबित किए जा सकेंगे। मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त 2026 को संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष होगी।