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Faridabad News: संवाद- पुन्हाना-जमालगढ़ रोड पर मौत के गड्ढे

Sun, 15 Feb 2026 12:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:28 AM IST
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Death pits on Punhana-Jamalgarh road
-सड़क में जगह-जगह बने हुए हैं तीन-तीन फुट गहरे गड्ढे, हादसों का खतरा
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वाहन चालकों के लिए सफर बना जोखिम भरा
संवाद न्यूज एजेंसी

पुन्हाना। दर्जनों गावों व राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाला पुन्हाना-जमालगढ़ रोड पर लहरवाड़ी और सिंगलहेड़ी गांव में सड़क की हालत बद से बदतर हो चुकी है। यहां सड़क पर जगह-जगह बने तीन-तीन फीट गहरे गड्ढे वाहन चालकों के साथ-साथ आम राहगीरों के लिए गंभीर हादसों का कारण बन रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि भारी वाहन चालक जान हथेली पर रखकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग हर पल दुर्घटना की आशंका में रहते हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब दो वर्षों से लहरवाड़ी गांव और सिंगलहेड़ी गांव में सड़क पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक इन्हें भरवाने या सड़क की मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी। नतीजा यह है कि दिन में धूल और रात में अंधेरा इन गड्ढों को और खतरनाक बना देता है। बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे भारी वाहन फंस जाते हैं और बाइक सवार फिसल कर गिरते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के दिनों में यहां दुर्घटनाएं आम हो जाती हैं। कई बार ट्रक और ओवरलोड वाहन इन गड्ढों में इस कदर फंस जाते हैं कि उन्हें निकालने में घंटों लग जाते हैं।
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रात के समय यह मार्ग और भी खतरनाक साबित होता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहन अचानक संतुलन खो बैठते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार रात के वक्त ओवरलोड वाहन गड्ढों में फंसने के कारण पूरी सड़क जाम हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। यह सड़क आसपास के गांवों को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है, लेकिन इसकी बदहाली ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग मजबूरी में वैकल्पिक रास्तों का सहारा ले रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त दूरी और समय खर्च करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायतें करने के बावजूद न तो निरीक्षण किया गया और न ही मरम्मत का कोई स्थायी समाधान निकाला गया। इससे विभागीय उदासीनता साफ झलकती है। सड़क की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग की होने के बावजूद वर्षों से गड्ढे जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत किसी से छिपी नहीं है।
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मार्ग से रोज़ाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन गड्ढों की वजह से हर सफर जोखिम भरा हो गया है। बरसात में तो हालात और खराब हो जाते हैं, पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते।

-सोहराब, लहरवाडी


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सड़क पर तीन फीट गहरे गड्ढे हैं, जिनसे निकलते समय डर लगा रहता है। कई बार भारी वाहन फंस जाते हैं और घंटों जाम लगा रहता है। अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा होना तय है।

-हारूण, लहरवाडी
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रात के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। अंधेरे में गड्ढे नजर नहीं आते और वाहन अचानक रुक जाते हैं। कई बार पूरी रात सड़क जाम रहती है।

आस मोहम्मद, सिंगल हेडी
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यह मार्ग ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से यह मौत का रास्ता बनती जा रही है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।


-जुम्मा खान, लहरवाड़ी
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मार्ग पर बने गहरे गड्ढे की उन्हें जानकारी नहीं थी। एक दो दिनों में विभाग द्वारा गड्ढों को भरकर मरम्मत कराई जाएगी ताकि वाहन चालकों व आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रदीप सिंद्धू ,कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग नूंह
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