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Faridabad News: संपत्ति के लिए ससुर की हत्या में बहू और उसके प्रेमी को उम्रकैद
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खाने में नींद की गोलियां मिलाकर किया था बेहोश, फिर मारी थी गोली
2021 में ट्रेन से कटकर पति की मौत के बाद से मायके में रह रही थी महिला
34 गवाह किए गए पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने बुधवार को संपत्ति हड़पने की साजिश में ससुर की हत्या करने के मामले में बहू गीता और उसके प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने गीता पर उम्रकैद के साथ दो लाख रुपये और दलीप पर उम्रकैद के साथ दो लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने माना कि 20 जनवरी 2022 की रात, जो गीता के पति सूरज की बरसी का दिन था, उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर ससुर भरत सिंह भाटी को बेहोश किया। इसके बाद उसके प्रेमी ने देसी पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुग्राम निवासी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया से गीता की पिछले 6-7 वर्षों से जान-पहचान थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे।
अभियोजन के अनुसार, बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी भरत सिंह भाटी के नाम संपत्ति थी। उनके बेटे सूरज की 20 जनवरी 2021 को ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी। आरोप है कि गीता संपत्ति अपने नाम कराना चाहती थी और जब भरत सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए तो हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद दोनों बदरपुर बॉर्डर पर किराये का कमरा लेकर रहने लगे, जहां से क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने पहले गीता और बाद में सैंडी को गिरफ्तार किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन ने 34 गवाह पेश किए और 64 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने रखे। सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपनी गवाही से मुकर भी गए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर दोनों को दोषी माना। इस मामले में कुल 58 सुनवाई हुईं और 59वीं पेशी पर अदालत ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
पिस्तौल खरीदने के लिए दिए थे चार हजार
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल से बरामद .315 बोर के कारतूस के खोखे और गोली का मिलान उस देसी पिस्तौल से हुआ, जो सह-आरोपी के कब्जे से बरामद की गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गीता ने ससुर की हत्या की साजिश के तहत देसी पिस्तौल खरीदने के लिए सैंडी को चार हजार रुपये दिए थे।सैंडी पहले भी हत्या जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका था और उसके खिलाफ पूर्व में 11 अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे।
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2021 में ट्रेन से कटकर पति की मौत के बाद से मायके में रह रही थी महिला
34 गवाह किए गए पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने बुधवार को संपत्ति हड़पने की साजिश में ससुर की हत्या करने के मामले में बहू गीता और उसके प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने गीता पर उम्रकैद के साथ दो लाख रुपये और दलीप पर उम्रकैद के साथ दो लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने माना कि 20 जनवरी 2022 की रात, जो गीता के पति सूरज की बरसी का दिन था, उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर ससुर भरत सिंह भाटी को बेहोश किया। इसके बाद उसके प्रेमी ने देसी पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुग्राम निवासी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया से गीता की पिछले 6-7 वर्षों से जान-पहचान थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे।
अभियोजन के अनुसार, बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी भरत सिंह भाटी के नाम संपत्ति थी। उनके बेटे सूरज की 20 जनवरी 2021 को ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी। आरोप है कि गीता संपत्ति अपने नाम कराना चाहती थी और जब भरत सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए तो हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद दोनों बदरपुर बॉर्डर पर किराये का कमरा लेकर रहने लगे, जहां से क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने पहले गीता और बाद में सैंडी को गिरफ्तार किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन ने 34 गवाह पेश किए और 64 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने रखे। सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपनी गवाही से मुकर भी गए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर दोनों को दोषी माना। इस मामले में कुल 58 सुनवाई हुईं और 59वीं पेशी पर अदालत ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
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पिस्तौल खरीदने के लिए दिए थे चार हजार
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल से बरामद .315 बोर के कारतूस के खोखे और गोली का मिलान उस देसी पिस्तौल से हुआ, जो सह-आरोपी के कब्जे से बरामद की गई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गीता ने ससुर की हत्या की साजिश के तहत देसी पिस्तौल खरीदने के लिए सैंडी को चार हजार रुपये दिए थे।सैंडी पहले भी हत्या जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका था और उसके खिलाफ पूर्व में 11 अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे।
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