Faridabad: पुलिस हिरासत में बिगड़ी साइबर ठग की तबीयत, इलाज के दौरान मौत, प्लॉट बेचने के नाम पर की थी हेराफेरी
मृतक के परिजन देर शाम अलवर से फरीदाबाद आ गए लेकिन पोस्टमार्टम कराने से साफ मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की पिटाई से शैकुल की मौत हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फरीदाबाद में साइबर थाना एनआईटी की द्वारा गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की पुलिस हिरासत में तबीयत खराब हो गई। पुलिस की टीम उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई, जहां दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान राजस्थान के गोबिनगढ़ स्थित गांव टीकरी निवासी शैकुल (30 साल )के रूप में हुई है। रविवार देर शाम मृतक के परिजन फरीदाबाद पहुंचे लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने शैकुल खान सहित पांच आरोपियों को साइबर ठगी के आरोप में 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों में नरेंद्र, धर्मेंद्र, साबिर, अली मोहम्मद व शैकुल के नाम शामिल हैं। सभी पर आरोप है कि इन्होंने फरीदाबाद निवासी सुब्रत के साथ प्लॉट बेचने के नाम पर 1.90 लाख रुपये की ठगी की थी। 13 जुलाई को साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के परिजनों को सूचना दे दी गई थी। सूचना पर सरपंच ताहिर दो-तीन अन्य लोगों के साथ आरोपियों से मिलने थाने भी आए थे। 21 जुलाई को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान 21 जुलाई को ही शैकुल ने पुलिस से कहा कि उसे कमजोरी महसूस हो रही है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
पुलिस की टीम उसे इलाज के लिए बीके हॉस्पिटल लेकर गई। डॉक्टरों ने उसको आवश्यक दवाइयां देकर वापस भेज दिया। 22 जुलाई को भी उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर बीके अस्पताल ले जाया गया। रविवार सुबह करीब पांच बजे उसने फिर तबीयत खराब होने की बात कही। पुलिस की टीम उसे लेकर अस्पताल गई। करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। अदालत की तरफ से जूडिशियल मजिस्ट्रेट आकृति वर्मा को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा मृतक शैकुल का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
परिजन बोले, पुलिस पर केस दर्ज कराने के बाद होगा पोस्टमार्टम
मृतक के परिजन देर शाम अलवर से फरीदाबाद आ गए लेकिन पोस्टमार्टम कराने से साफ मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की पिटाई से शैकुल की मौत हुई है। दावा है कि उसके नाम से कोई केस दर्ज नहीं था। इधर फरीदाबाद पुलिस परिजनों के आरोपों को सिरे से नकार रही है। साइबर थाना एनआईटी प्रभारी बसंत कुमार का कहना है कि मृतक की परिवार के प्रति उनकी संवेदना है लेकिन पुलिस पर लगाए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। केस में शामिल होने पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। अदालत के आदेश पर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही थी। लगातार तीन दिन से शैकुल तबीयत खराब होने की बात कह रहा था लेकिन डॉक्टरों ने भर्ती करने जैसी हालत से हर बार मना करते हुए छुट्टी दे दी थी। रविवार को भी सुबह पांच बजे एक टीम उसे अस्पताल लेकर गई, जहां इलाज के दो घंटे बाद उसकी मौत हुई है।