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हिरासत में मौत: एनआईटी-2 पुलिस चौकी और क्राइम ब्रांच-65 के खिलाफ केस दर्ज

Wed, 10 Jul 2024 10:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2024 10:46 PM IST
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Custodial death: Case registered against NIT-2 police post and Crime Branch-65
पुलिस कमिश्नर कार्यालय का परिजन के साथ बसपा व भीम आर्मी ने किया घेराव, बीके अस्पताल की मोर्चरी पर भी इकट्ठा हुए लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत के मामले में आदर्श नगर थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 और एनआईटी-2 नंबर चौकी के पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक के भाई सुमित की शिकायत पर पुलिस चौकी और क्राइम ब्रांच के अज्ञात अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। मामला दर्ज होने पर परिजन ने बीके अस्पताल की मोर्चरी से अमित का शव उठाया। इससे पहले बुधवार की सुबह अमित के परिजनों ने बसपा और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव किया।
पुलिस हिरासत में अमित कोली की मौत के बाद दो दिनों से पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे परिजन और ग्रामीणों ने सेक्टर-21सी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय पर बुधवार को प्रदर्शन किया। आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों के साथ बसपा और भीम आर्मी के कार्यकर्ता बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में सेक्टर-21सी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय पर एकत्रित हुए। पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचे लोगों ने पुलिस की कार्यशैली का जमकर विरोध किया और सरकार व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजन ने पुलिस पर उनके बेटे की हत्या का आरोप लगाया।
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बारिश के बीच दोपहर तक चले हंगामे के बाद पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य ने परिजनों के साथ बसपा और भीम आर्मी के नेताओं के साथ बैठक की। पुलिस आयुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आश्वासन दिया। शाम को पुलिस आयुक्त के आदेश पर बल्लभगढ़ आदर्श नगर थाना पुलिस ने सेक्टर-65 क्राइम ब्रांच और एनआईटी-2 नंबर चौकी के कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद लोगों ने बीके अस्पताल से अमित का शव उठाया। इस अवसर पर आजाद समाज पार्टी के हरियाणा प्रदेश प्रभारी हिमांशु, भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर, लीगल सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन अधिवक्ता एमएस आर्या, लीगल सेल के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता कुलदीप, बसपा नेता व पृथला विधानसभा प्रभारी सुरेंद्र, हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज, बसपा के जिला अध्यक्ष उपकार, बबली, अनारो देवी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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पांच जुलाई को जिला अस्पताल से ले गए थे अमित को पुलिसकर्मी
एनआईटी-2 स्थित द मॉल ऑफ फरीदाबाद में पांच जुलाई की शाम को अमित की गाजीपुर निवासी हरीश नामक युवक से कहासुनी हुई थी। आरोप है कि अमित ने हरीश को चाकू मार दिया। हरीश के परिजन की शिकायत पर अमित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। शुरुआत में एनआईटी-2 नंबर चौकी पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर पूछताछ की। अगले दिन उसे पूछताछ के लिए सेक्टर-65 क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था। आरोपी अमित (27) की रविवार को संदिग्ध परिस्थिति में क्राइम ब्रांच के हिरासत में मौत हो गई थी।
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परिजनों ने केस दर्ज होने के बाद तीसरे दिन उठाया शव
पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद सोमवार शाम को अमित के शव का बीके अस्पताल में डॉक्टर की बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गए थे। मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए गए लेकिन परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया था। परिजन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर बेटे की हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। सोमवार रात और मंगलवार को इस बाबत गांव जाजरू में पंचायत हुई। पोस्टमार्टम के बाद बीके अस्पताल में सोमवार से बुधवार शाम तक अमित का शव पड़ा रहा। बुधवार को मामला दर्ज होने के बाद परिजनों ने अमित का शव ले लिया और पलवल के गांव रामदसका में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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मेरा भतीजा अमित बहुत सीधा साधा था। पुलिस हिरासत में उसका मारा गया है। इसलिए पुलिस पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। - अनारो देवी
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पुलिस अपने को बचाने के लिए अमित की मौत को आत्महत्या बता रही है। ऐसे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। -बबली देवी

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शहर में बढ़ रहे अपराध को रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम है। वहीं, खुद को बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। -मनोज चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष, बसपा


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अमित को सजा अदालत देती, पुलिस ने रिमांड के दौरान उसे इतना मारा की उसकी जान चली गई। इसे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। - उपकार सिंह, बसपा, जिला अध्यक्ष

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इस मामले में साफ तौर पर पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। मृतक को न्याय दिलाने तक केस लड़ेगे। - कुलदीप सिंह, लीगल सेल के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता
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पुलिस हिरासत में युवक के फंदा लगाने की बात बिल्कुल गलत है। थाने में कड़ी सुरक्षा के बीच वह फंदा नहीं लगा सकता। - सुरेंद्र वरिष्ठ, बसपा नेता
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