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Faridabad News: सीएससी संचालक व साथी को लिया एक दिन की पुलिस रिमांड पर
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-विधवा महिला से एक लाख रुपये की वसूली करने के मामले में हैं आरोपी
-आरोपी को बीसरू गांव स्थित सीएससी पर लेकर पहुंची एसीबी की टीम
-जांच करते हुए दस्तावेज खंगाले, कंप्यूटर व अन्य कागजात जब्त किए
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह।
दीन दयाल उपाध्याय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर विधवा महिला से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम 50 हजार रुपये की वसूली करते हुए गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को इस मामले में बड़े खुलासे की संभावना के साथ ही कई अन्य लोगों पर गाज गिरने की संभावनाएं भी बनी हुई है। वहीं बृहस्पतिवार को आरोपी सीएससी संचालक बीसरु गांव निवासी तरुण कुमार को एसीबी की टीम उसकी सीएससी पर बीसरु गांव लेकर गई। जहां टीम ने उसके कंप्यूटर व सीएससी में मौजूद दस्तावेज को खंगालते हुए अपने कब्जे में लिया है। बता दें कि उमरा गांव निवासी एक महिला के पति की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। महिला ने योजना का लाभ लेने के लिए अपने गांव के ही सीएससी संचालक से संपर्क किया, जिसने महिला के कागजात योजना के लिए ऑनलाइन किए।
इसके बाद महिला अपने दामाद के जरिए सीएससी संचालक तरुण से संपर्क किया। महिला के खाते में 12 मार्च को दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत 5 लाख रुपये की राशि आई थी। आरोप है कि इस रकम की जानकारी मिलते ही सीएससी संचालक तरुण कुमार व उसका साथी पुन्हाना के सैनी मोहल्ला निवासी गिर्राज पुत्र धर्मपाल महिला के घर पहुंच गए और योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग करने लगे। दबाव में आकर महिला ने पहले 11 हजार रुपये दे दिए, लेकिन बार-बार बढ़ती मांग से परेशान होकर उसने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। इसके बाद बुधवार को बड़कली चौक पर जैसे ही महिला ने आरोपियों को 50 हजार रुपये दिए, पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस नूंह प्रभारी जाकिर हुसैन ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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-आरोपी को बीसरू गांव स्थित सीएससी पर लेकर पहुंची एसीबी की टीम
-जांच करते हुए दस्तावेज खंगाले, कंप्यूटर व अन्य कागजात जब्त किए
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह।
दीन दयाल उपाध्याय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर विधवा महिला से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम 50 हजार रुपये की वसूली करते हुए गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को इस मामले में बड़े खुलासे की संभावना के साथ ही कई अन्य लोगों पर गाज गिरने की संभावनाएं भी बनी हुई है। वहीं बृहस्पतिवार को आरोपी सीएससी संचालक बीसरु गांव निवासी तरुण कुमार को एसीबी की टीम उसकी सीएससी पर बीसरु गांव लेकर गई। जहां टीम ने उसके कंप्यूटर व सीएससी में मौजूद दस्तावेज को खंगालते हुए अपने कब्जे में लिया है। बता दें कि उमरा गांव निवासी एक महिला के पति की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। महिला ने योजना का लाभ लेने के लिए अपने गांव के ही सीएससी संचालक से संपर्क किया, जिसने महिला के कागजात योजना के लिए ऑनलाइन किए।
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इसके बाद महिला अपने दामाद के जरिए सीएससी संचालक तरुण से संपर्क किया। महिला के खाते में 12 मार्च को दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत 5 लाख रुपये की राशि आई थी। आरोप है कि इस रकम की जानकारी मिलते ही सीएससी संचालक तरुण कुमार व उसका साथी पुन्हाना के सैनी मोहल्ला निवासी गिर्राज पुत्र धर्मपाल महिला के घर पहुंच गए और योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग करने लगे। दबाव में आकर महिला ने पहले 11 हजार रुपये दे दिए, लेकिन बार-बार बढ़ती मांग से परेशान होकर उसने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। इसके बाद बुधवार को बड़कली चौक पर जैसे ही महिला ने आरोपियों को 50 हजार रुपये दिए, पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस नूंह प्रभारी जाकिर हुसैन ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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