महिला पत्रकार सुसाइड मामला : पूजा और अमित के बीच बंकी बना था फांस
- पूजा आत्महत्या कर लेगी, विश्वास नहीं होता
- ऑडियो जारी करने वाले भरत ने साझा की कई बातें
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सेक्टर-46 स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 में जिस रात हादसा हुआ, उस दौरान फ्लैट में पत्रकार पूजा तिवारी के अलावा हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर अमित कुमार और सहेली अमरीन खान मौजूद थी।
हादसे से पहले बंकी नाम के शख्स को लेकर पूजा, अमित और भरत के बीच फोन पर हुई बातचीत के ऑडियो ने इंस्पेक्टर को जांच के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। इस ऑडियो को जारी करने वाले भरत ने कई अहम जानकारियां अमर उजाला के साथ साझा की।
बुधवार को अमर उजाला संवाददाता से फोन पर हुई बातचीत में भरत ने बताया कि अमित और पूजा के बीच पारिवारिक संबंध थे। अमित अकसर पूजा के इंदौर स्थित घर आया जाया करता था।
फरीदाबाद में रह रही पूजा को कोई दिक्कतें होती थी, तो उन्हें भी अमित ही निपटाया करता था। भरत ने बताया कि पूजा स्टिंग मामले में हुई एफआईआर को लेकर काफी तनाव में थी, लेकिन आत्महत्या जैसा कदम उठा लेगी, इस बात पर विश्वास नहीं होता।
बकौल भरत, पूजा ने कई बड़े मामलों में काम किया था, वो बहुत निडर और साहसी थी। हालांकि, दो लाख रुपये की रिश्वत का आरोप लगने से अपने कैरियर पर लगे कलंक से वो दुखी जरूर थी।
शक ने तो नहीं ली पूजा की जान
अमित और पूजा के बीच अकसर झगड़ों की बात भरत भी स्वीकारते हैं। उन्होंने बताया कि ऑडियो में जिस बंकी नामक युवक को लेकर पूजा और अमित के बीच कहासुनी हो रही थी, वो महज शक के अलावा कुछ नहीं था।
बंकी का असली नाम यतेंद्र है और वो मर्चेंट नेवी में काम करता है। भरत ने बताया कि पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान यतेंद्र से हम दोनों की मुलाकात हुई थी।
यतेंद्र यूपी के बाराबंकी जिले का रहने वाला था, इसलिए हमने उसका नाम बंकी रख दिया था। उससे हमारी मुलाकात कई महीनों में होती थी जब वो दिल्ली आता था।
अमित फोन रिकॉर्डिंग के ऑडियो में बार-बार पूजा और बंकी की किसी कमरे में मुलाकात की बात कर रहा था, जबकि बंकी का दिल्ली-एनसीआर में कोई कमरा है ही नहीं। पिछले नौ महीने से बंकी हमारे संपर्क में नहीं है।
2011 में हुई थी मुलाकात
भरत की पूजा से दोस्ती 2011 में पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों ने फरीदाबाद के एक राष्ट्रीय अखबार में काम किया था। भरत फिलहाल लखनऊ में है।
पूजा और अमित की शादी या लिव इन रिलेशन के सवाल पर भरत ने बताया कि हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी, लेकिन व्यक्तिगत मामलों में मैं कभी हस्तक्षेप नहीं करता था।
अकाउंट में थे महज 500 रुपये
स्टिंग मामले में एफआईआर के बाद मीडिया संस्थान ने पूजा की तनख्वाह रोक दी थी। भरत ने बताया कि फोन पर अकसर वो मुझसे बात किया करती थी।
पूजा तनाव में थी, क्योंकि उसकी आर्थिक हालात बेहद खराब हो गए थे। पूजा ने मुझे बताया था कि उसके अकाउंट में महज 500 रुपये बचे हैं।