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गर्भपात की शिकायत पर अस्पताल पर छापा, संचालक नहीं दिखा पाया डिग्री
Updated Tue, 10 Jul 2018 08:44 PM IST
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गर्भपात की शिकायत पर अस्पताल पर छापा
फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार देर शाम गर्भपात करवाने की शिकायत मिलने पर पर्वतीय कॉलोनी स्थित श्रीओम अस्पताल पर छापा मारा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां कई तरह की दवाइयां, इंजेक्शन व गर्भपात का सामान बरामद किया है। अस्पताल संचालक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई डिग्री भी नहीं दिखा पाया। इसके चलते विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। छापेमारी की कार्रवाई फरीदाबाद व पलवल स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से की।
छापा मारने गई टीम के सदस्यों के अनुसार पर्वतीय कॉलोनी स्थित श्री ओम अस्पताल के संचालक हरेंद्र की पलवल की एक गर्भवती महिला से सात हजार रुपये में गर्भपात कराने की बात हुई थी। पलवल के सिविल सर्जन को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पीएनडीटी प्रभारी डॉ. जयप्रकाश के नेतृत्व में टीम बनाई। इसकी जानकारी फरीदाबाद के सिविल सर्जन डा. बीके राजौरा को भी दी गई। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर पलवल की टीम के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
टीम ने एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर अस्पताल में गर्भपात के लिए भेजा। उसने अस्पताल संचालक को 6 हजार रुपये दिए, जिसके बाद डॉक्टर ने गर्भपात का समय दिया गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर रुपयों के साथ कथित डॉक्टर को पकड़ लिया। अस्पताल संचालक के पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं थी। सिविल सर्जन डा. बीके राजौरा ने बताया कि कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया है। इसकी शिकायत पुलिस में भी दी गई, जिस पर सारन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अस्पताल के संचालक हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
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फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार देर शाम गर्भपात करवाने की शिकायत मिलने पर पर्वतीय कॉलोनी स्थित श्रीओम अस्पताल पर छापा मारा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां कई तरह की दवाइयां, इंजेक्शन व गर्भपात का सामान बरामद किया है। अस्पताल संचालक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई डिग्री भी नहीं दिखा पाया। इसके चलते विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। छापेमारी की कार्रवाई फरीदाबाद व पलवल स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से की।
छापा मारने गई टीम के सदस्यों के अनुसार पर्वतीय कॉलोनी स्थित श्री ओम अस्पताल के संचालक हरेंद्र की पलवल की एक गर्भवती महिला से सात हजार रुपये में गर्भपात कराने की बात हुई थी। पलवल के सिविल सर्जन को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पीएनडीटी प्रभारी डॉ. जयप्रकाश के नेतृत्व में टीम बनाई। इसकी जानकारी फरीदाबाद के सिविल सर्जन डा. बीके राजौरा को भी दी गई। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर पलवल की टीम के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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टीम ने एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर अस्पताल में गर्भपात के लिए भेजा। उसने अस्पताल संचालक को 6 हजार रुपये दिए, जिसके बाद डॉक्टर ने गर्भपात का समय दिया गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर रुपयों के साथ कथित डॉक्टर को पकड़ लिया। अस्पताल संचालक के पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं थी। सिविल सर्जन डा. बीके राजौरा ने बताया कि कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया है। इसकी शिकायत पुलिस में भी दी गई, जिस पर सारन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अस्पताल के संचालक हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
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