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एटीएम कार्ड क्लोन कर करते थे ठगी, चार धरे
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एटीएम कार्ड क्लोन कर करते थे ठगी, चार धरे
फरीदाबाद। पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ टीम ने डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोन कर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पार्श्वनाथ मॉल स्थित सिल्वर सिटी सिनेमा में काम करते थे। उन दोनों का काम डाटा उपलब्ध करवाना था, जबकि बाकी दो आरोपी उससे फर्जी कार्ड तैयार कर खाते से पैसे निकालते थे। प्रारंभिक जांच में अभी तक इनकी पांच वारदात सामने आई हैं। पुलिस ने चारों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है और पूछताछ कर रही है। इनसे कई और मामले खुलने की उम्मीद है।
क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी संजीव कुमार को सूचना मिली थी कि डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोन कर लोगों के खाते से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के दो आरोपी सेक्टर-12 स्थित पार्श्वनाथ मॉल स्थित सिल्वर सिटी सिनेमा में काम करते हैं और वहां टिकट खरीदने आने वाले लोगों के कार्ड से डाटा चोरी करके ठगी करते हैं। इसके आधार पर पुलिस ने पर्वतीय कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह और राहुल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे डाटा चोरी करके सेक्टर-56 निवासी शिवम सिंह और मुकेश कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी हिमांशु तायल को बेच देते थे। पुलिस ने उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों ने बताया कि वे पिछले एक साल से यह काम कर रहे हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर क्रेडिट-डेबिट कार्ड से डाटा चोरी करने वाला कार्ड रीडर, लैपटॉप और चोरी के डाटा से फर्जी कार्ड तैयार करने वाली मशीन बरामद की है। पुलिस ने चारों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में जुटी है।
15 सौ रुपये में बेचते थे डाटा
पूछताछ के दौरान नरेंद्र और राहुल ने बताया कि उन्होंने डाटा चोरी करने के लिए टिकट काउंटर पर ही एक छोटा से कार्ड रीडर रखा हुआ था। बैंक की मशीन में स्वैप करने के साथ ही कार्ड धारक की आंख बचाकर उस मशीन में भी कार्ड स्वैप कर देते थे और फिर उसका पिन देखने की कोशिश करते थे। जिस व्यक्ति का पिन कोड देखने में कामयाब हो जाते थे तो उसका डाटा आगे शिवम और हिमांशु को दे देते थे। एक कार्ड के डाटा के बदले उन्हें 15 सौ रुपये मिलते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी अभी तक 10 से 15 लोगों के खाते से करीब 5 से 8 लाख रुपये उड़ा चुके हैं।
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ऑनलाइन उपलब्ध है फर्जीवाड़े का सामान
एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े का सारा सामान ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर उपलब्ध है, जो कि 15 से 35 हजार रुपये में मिल जाता है। इसके अलावा दिल्ली की गफ्फार मार्केट में भी ये सारा सामान मिल जाता है। आरोपियों ने ये सारा सामान ऑनलाइन शॉपिंग साइट से मंगवाया था। 12वीं कक्षा तक पढ़े आरोपियों ने कार्ड क्लोनिंग और उससे फर्जी कार्ड बनाना यू-ट्यूब पर देख कर सीखा था।
कार्ड स्वैप करवाते समय बरतें ये सावधानी
- कार्ड स्वैप करवाते समय ध्यान रखें कि उसे एक से ज्यादा बार स्वैप न किया जाए।
- कार्ड का पासवर्ड खुद डालें किसी को बताएं नहीं
- पिन डालते समय ध्यान रखें कि कोई देख न पाए।
- एटीएम से भी पैसे निकालने के दौरान पिन डालते समय की-पैड के ऊपर हाथ रख लें।
- एटीएम को ठीक प्रकार से देख लें, कई बार की-पैड पर भी ठगों ने कैमरा लगा रखा होता है।
एटीएम कार्ड बदलकर 10 हजार रुपये निकाले
फरीदाबाद। एटीएम मददगार गिरोह ने थाना सूरजकुंड क्षेत्र में युवक का कार्ड बदलकर खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी व चोरी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। शिव दुर्गा विहार निवासी मनीष 9 मई को एटीएम से पैसे निकालने गया था। वहां खड़े एक युवक ने मदद के बहाने उसका एटीएम कार्ड लेकर पिन नंबर पूछ लिया। इस दौरान ठग ने मनीष का एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके बाद उसने दूसरे एटीएम से उसके बैंक खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो
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फरीदाबाद। पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ टीम ने डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोन कर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पार्श्वनाथ मॉल स्थित सिल्वर सिटी सिनेमा में काम करते थे। उन दोनों का काम डाटा उपलब्ध करवाना था, जबकि बाकी दो आरोपी उससे फर्जी कार्ड तैयार कर खाते से पैसे निकालते थे। प्रारंभिक जांच में अभी तक इनकी पांच वारदात सामने आई हैं। पुलिस ने चारों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है और पूछताछ कर रही है। इनसे कई और मामले खुलने की उम्मीद है।
क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी संजीव कुमार को सूचना मिली थी कि डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोन कर लोगों के खाते से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के दो आरोपी सेक्टर-12 स्थित पार्श्वनाथ मॉल स्थित सिल्वर सिटी सिनेमा में काम करते हैं और वहां टिकट खरीदने आने वाले लोगों के कार्ड से डाटा चोरी करके ठगी करते हैं। इसके आधार पर पुलिस ने पर्वतीय कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह और राहुल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे डाटा चोरी करके सेक्टर-56 निवासी शिवम सिंह और मुकेश कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी हिमांशु तायल को बेच देते थे। पुलिस ने उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों ने बताया कि वे पिछले एक साल से यह काम कर रहे हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर क्रेडिट-डेबिट कार्ड से डाटा चोरी करने वाला कार्ड रीडर, लैपटॉप और चोरी के डाटा से फर्जी कार्ड तैयार करने वाली मशीन बरामद की है। पुलिस ने चारों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में जुटी है।
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15 सौ रुपये में बेचते थे डाटा
पूछताछ के दौरान नरेंद्र और राहुल ने बताया कि उन्होंने डाटा चोरी करने के लिए टिकट काउंटर पर ही एक छोटा से कार्ड रीडर रखा हुआ था। बैंक की मशीन में स्वैप करने के साथ ही कार्ड धारक की आंख बचाकर उस मशीन में भी कार्ड स्वैप कर देते थे और फिर उसका पिन देखने की कोशिश करते थे। जिस व्यक्ति का पिन कोड देखने में कामयाब हो जाते थे तो उसका डाटा आगे शिवम और हिमांशु को दे देते थे। एक कार्ड के डाटा के बदले उन्हें 15 सौ रुपये मिलते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी अभी तक 10 से 15 लोगों के खाते से करीब 5 से 8 लाख रुपये उड़ा चुके हैं।
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ऑनलाइन उपलब्ध है फर्जीवाड़े का सामान
एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े का सारा सामान ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर उपलब्ध है, जो कि 15 से 35 हजार रुपये में मिल जाता है। इसके अलावा दिल्ली की गफ्फार मार्केट में भी ये सारा सामान मिल जाता है। आरोपियों ने ये सारा सामान ऑनलाइन शॉपिंग साइट से मंगवाया था। 12वीं कक्षा तक पढ़े आरोपियों ने कार्ड क्लोनिंग और उससे फर्जी कार्ड बनाना यू-ट्यूब पर देख कर सीखा था।
कार्ड स्वैप करवाते समय बरतें ये सावधानी
- कार्ड स्वैप करवाते समय ध्यान रखें कि उसे एक से ज्यादा बार स्वैप न किया जाए।
- कार्ड का पासवर्ड खुद डालें किसी को बताएं नहीं
- पिन डालते समय ध्यान रखें कि कोई देख न पाए।
- एटीएम से भी पैसे निकालने के दौरान पिन डालते समय की-पैड के ऊपर हाथ रख लें।
- एटीएम को ठीक प्रकार से देख लें, कई बार की-पैड पर भी ठगों ने कैमरा लगा रखा होता है।
एटीएम कार्ड बदलकर 10 हजार रुपये निकाले
फरीदाबाद। एटीएम मददगार गिरोह ने थाना सूरजकुंड क्षेत्र में युवक का कार्ड बदलकर खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी व चोरी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। शिव दुर्गा विहार निवासी मनीष 9 मई को एटीएम से पैसे निकालने गया था। वहां खड़े एक युवक ने मदद के बहाने उसका एटीएम कार्ड लेकर पिन नंबर पूछ लिया। इस दौरान ठग ने मनीष का एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके बाद उसने दूसरे एटीएम से उसके बैंक खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो