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एनडीपीएस केस में आरोपी को परिजनों ने बताया निर्दोष
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‘बेटे को फंसाने के लिए पुलिस ने पकड़ा है’
फरीदाबाद। मादक पदार्थ अधिनियम के आरोपी लोकेश उर्फ लोकी निवासी पलवल के परिजनों ने उसके निर्दोष बताते हुए सीआईए के सिपाही पर दस लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त अतुल कुमार को सौंप कर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
गांव गहलब, पलवल से आए धर्मसिंह उर्फ धर्मवीर के अनुसार उनके बेटे लोकेश उर्फ लोकी के पास 23 जून 2018 को अल्ताफ का फोन आया। इसके बाद लोकेश फरीदाबाद जाने की बात कह अपनी कार लेकर चला गया। शाम को उन्हें जानकारी हुई कि लोकेश को सीआईए सेक्टर-56 ने पकड़ लिया है। एक परिचित के साथ सीआईए पहुंचे तो वहां एक सिपाही से मुलाकात हुई। आरोप है कि सिपाही ने लोकेश को छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपयों की मांग की। बात दस लाख रुपये में तय हुई। उनका आरोप है कि मादक पदार्थ अधिनियम में अल्ताफ नाम का युवक पुलिस की हिरासत में पहले से ही था। पुलिस ने उनके बेटे लोकेश को फंसाने के लिए उसे पकड़ कर अल्ताफ का साथी बता दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच सीबीआई से कराने और दस लाख रुपये लेने वाले सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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फरीदाबाद। मादक पदार्थ अधिनियम के आरोपी लोकेश उर्फ लोकी निवासी पलवल के परिजनों ने उसके निर्दोष बताते हुए सीआईए के सिपाही पर दस लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त अतुल कुमार को सौंप कर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
गांव गहलब, पलवल से आए धर्मसिंह उर्फ धर्मवीर के अनुसार उनके बेटे लोकेश उर्फ लोकी के पास 23 जून 2018 को अल्ताफ का फोन आया। इसके बाद लोकेश फरीदाबाद जाने की बात कह अपनी कार लेकर चला गया। शाम को उन्हें जानकारी हुई कि लोकेश को सीआईए सेक्टर-56 ने पकड़ लिया है। एक परिचित के साथ सीआईए पहुंचे तो वहां एक सिपाही से मुलाकात हुई। आरोप है कि सिपाही ने लोकेश को छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपयों की मांग की। बात दस लाख रुपये में तय हुई। उनका आरोप है कि मादक पदार्थ अधिनियम में अल्ताफ नाम का युवक पुलिस की हिरासत में पहले से ही था। पुलिस ने उनके बेटे लोकेश को फंसाने के लिए उसे पकड़ कर अल्ताफ का साथी बता दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच सीबीआई से कराने और दस लाख रुपये लेने वाले सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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