{"_id":"5b58ae624f1c1b61508b539f","slug":"161532538466-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्य काबू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्य काबू
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
जम्मू के ध्यानार्थ
नशे के सौदागरों का अंतरराज्यीय कनेक्शन, चार गिरफ्तार
जम्मू एनसीबी की टीम ने फरीदाबाद से चारों को दबोचा
कोर्ट में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर जम्मू ले गई एनसीबी
अमित भाटिया
फरीदाबाद। जम्मू से लेकर मुंबई तक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जम्मू की टीम ने फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी में छापा मारकर गिरफ्तार किया है। एनसीबी की टीम चारों को अदालत में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ जम्मू ले गई। एनसीबी की टीम ने इनके तीन साथियों को कुछ दिन पहले 18 किलोग्राम चरस के साथ जम्मू में गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद से टीम पिछले कई दिनों से फरीदाबाद में ही डेरा डाले हुए थी।
पिछले दिनों एनसीबी की टीम ने जम्मू में 18 किलो चरस के साथ सोहना निवासी राकेश, रामबीर और विष्णु को गिरफ्तार किया था। तीनों राकेश की दिल्ली नंबर की कार में चरस लेकर आ रहे थे। एनसीबी टीम ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि ये लोग केवल हैंडलर का काम करते हैं। इनका काम केवल माल को एक स्थान से लेकर दूसरे स्थान तक पहुंचाना होता है। माल कहां से लेना है, किससे लेना है, पैसों का लेनदेन के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं होती।
पुलिस ने जब उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने फरीदाबाद में रहने वाले अपने आकाओं के नाम उगल दिए। इसके बाद से ही जम्मू एनसीबी की टीम ने जिले में डेरा डाल लिया था। स्थानीय पुलिस को भी इसकी पूरी जानकारी थी। एनसीबी जम्मू से आए निरीक्षक दीपक कुमार की टीम ने राजीव कॉलोनी में दबिश देकर वहां से विजय चौधरी, समय सहरावत, कुलदीप डागर व पवन को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पता चला कि ये चारों आरोपी ही चरस खरीदने के लिए सारा गेम प्लान सेट करते थे और उसकी डिलीवरी कराते थे। एनसीबी की टीम चारों को अदालत में पेश कर उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अपने साथ जम्मू रवाना हो गई है।
विज्ञापन
उत्तर से दक्षिण तक हैं तार
एनसीबी टीम के निरीक्षक के अनुसार, आरोपी जम्मू-कश्मीर से चरस आदि नशीला पदार्थ लेकर उन्हें महाराष्ट्र व दक्षिण के राज्यों तक सप्लाई करते थे। इसके लिए ट्रेन या फिर अपनी कार से सफर करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी माल को छोटे-छोटे पैकेटों में इस तरह छिपा कर रखते थे कि किसी को शक नहीं होता था।
विज्ञापन
नशे के सौदागरों का अंतरराज्यीय कनेक्शन, चार गिरफ्तार
जम्मू एनसीबी की टीम ने फरीदाबाद से चारों को दबोचा
कोर्ट में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर जम्मू ले गई एनसीबी
अमित भाटिया
फरीदाबाद। जम्मू से लेकर मुंबई तक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जम्मू की टीम ने फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी में छापा मारकर गिरफ्तार किया है। एनसीबी की टीम चारों को अदालत में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ जम्मू ले गई। एनसीबी की टीम ने इनके तीन साथियों को कुछ दिन पहले 18 किलोग्राम चरस के साथ जम्मू में गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद से टीम पिछले कई दिनों से फरीदाबाद में ही डेरा डाले हुए थी।
पिछले दिनों एनसीबी की टीम ने जम्मू में 18 किलो चरस के साथ सोहना निवासी राकेश, रामबीर और विष्णु को गिरफ्तार किया था। तीनों राकेश की दिल्ली नंबर की कार में चरस लेकर आ रहे थे। एनसीबी टीम ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि ये लोग केवल हैंडलर का काम करते हैं। इनका काम केवल माल को एक स्थान से लेकर दूसरे स्थान तक पहुंचाना होता है। माल कहां से लेना है, किससे लेना है, पैसों का लेनदेन के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं होती।
विज्ञापन
पुलिस ने जब उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने फरीदाबाद में रहने वाले अपने आकाओं के नाम उगल दिए। इसके बाद से ही जम्मू एनसीबी की टीम ने जिले में डेरा डाल लिया था। स्थानीय पुलिस को भी इसकी पूरी जानकारी थी। एनसीबी जम्मू से आए निरीक्षक दीपक कुमार की टीम ने राजीव कॉलोनी में दबिश देकर वहां से विजय चौधरी, समय सहरावत, कुलदीप डागर व पवन को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पता चला कि ये चारों आरोपी ही चरस खरीदने के लिए सारा गेम प्लान सेट करते थे और उसकी डिलीवरी कराते थे। एनसीबी की टीम चारों को अदालत में पेश कर उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अपने साथ जम्मू रवाना हो गई है।
विज्ञापन
उत्तर से दक्षिण तक हैं तार
एनसीबी टीम के निरीक्षक के अनुसार, आरोपी जम्मू-कश्मीर से चरस आदि नशीला पदार्थ लेकर उन्हें महाराष्ट्र व दक्षिण के राज्यों तक सप्लाई करते थे। इसके लिए ट्रेन या फिर अपनी कार से सफर करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी माल को छोटे-छोटे पैकेटों में इस तरह छिपा कर रखते थे कि किसी को शक नहीं होता था।