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इचकू की रिमांड खत्म, पुलिस को नहीं दी कोई जानकारी
Updated Tue, 10 Jul 2018 09:40 PM IST
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इचकू की रिमांड खत्म, पुलिस को नहीं दी कोई जानकारी
फरीदाबाद। ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार नाइजीरियन युवक इचकू इयाना की रिमांड मंगलवार को समाप्त हो गई। चार दिनों की पूछताछ में पुलिस उससे कुछ खास उगलवाने में कामयाब न हो सकी। पुलिस इचकू के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को भेदना चाहती थी, मगर इचकू ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे नीमका जेल भेज दिया गया।
5 जुलाई की आधी रात के बाद सूरजकुंड-गुरुग्राम रोड पर गुरुग्राम क्राइम ब्रांच टीम ने कार्रवाई करके कार सवार नाइजीरियन युवक इचकू इयाना को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसका एक साथी माइकल चार्ल्स ने कार से उतरकर भागते हुए पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया था। उसे काबू करने के दौरान खुद की पिस्टल से चली गोली से माइकल की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 55 लाख कीमत की कोकीन बरामद की थी। पूछताछ के लिए इचकू को पुलिस ने कोर्ट से चार दिनों के रिमांड पर लिया था। पुलिस की माने तो रिमांड के दौरान इचकू ने पुलिस को जांच में सहयोग नहीं किया। उसने ड्रग्स के बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार माइकल और इचकू एक दूसरे को करीब एक साल से जानते थे, मगर इचकू ने ड्रग्स सप्लाई के बारे में किसी भी तरह कोई जानकारी होने से इंकार किया है। पुलिस उसके पास से किसी तरह का कोई नशीला पदार्थ भी बरामद नहीं कर पाई है। अनखीर पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी से पासपोर्ट जब्त किया गया है। उसका वीजा समाप्त हो चुका है। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है। जरूरत पड़ने पर पुलिस उसका दोबारा रिमांड कोर्ट से मांग सकती है।
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नाइजीरिया दूतावास से नहीं आया जवाब
पुलिस कार्रवाई में मारे गए ड्रग्स तस्कर माइकल चार्ल्स के शव का अभी तक भी बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा हुआ है। घाना दूतावास ने सोमवार को उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। घाना दूतावास ने पुलिस को बताया था कि मारे गए माइकल के पास से घाना का बना जो पासपोर्ट बरामद हुआ है, वह फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने उसके दूसरे पासपोर्ट जोकि नाइजीरिया से बना हुआ था की बाबत पड़ताल शुरू की है। इस बाबत नाइजीरिया दूतावास से पत्राचार किया गया है। मंगलवार देर शाम तक नाइजीरिया दूतावास से कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली थी।
फरीदाबाद। ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार नाइजीरियन युवक इचकू इयाना की रिमांड मंगलवार को समाप्त हो गई। चार दिनों की पूछताछ में पुलिस उससे कुछ खास उगलवाने में कामयाब न हो सकी। पुलिस इचकू के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को भेदना चाहती थी, मगर इचकू ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे नीमका जेल भेज दिया गया।
5 जुलाई की आधी रात के बाद सूरजकुंड-गुरुग्राम रोड पर गुरुग्राम क्राइम ब्रांच टीम ने कार्रवाई करके कार सवार नाइजीरियन युवक इचकू इयाना को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसका एक साथी माइकल चार्ल्स ने कार से उतरकर भागते हुए पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया था। उसे काबू करने के दौरान खुद की पिस्टल से चली गोली से माइकल की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 55 लाख कीमत की कोकीन बरामद की थी। पूछताछ के लिए इचकू को पुलिस ने कोर्ट से चार दिनों के रिमांड पर लिया था। पुलिस की माने तो रिमांड के दौरान इचकू ने पुलिस को जांच में सहयोग नहीं किया। उसने ड्रग्स के बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया।
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पुलिस के अनुसार माइकल और इचकू एक दूसरे को करीब एक साल से जानते थे, मगर इचकू ने ड्रग्स सप्लाई के बारे में किसी भी तरह कोई जानकारी होने से इंकार किया है। पुलिस उसके पास से किसी तरह का कोई नशीला पदार्थ भी बरामद नहीं कर पाई है। अनखीर पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी से पासपोर्ट जब्त किया गया है। उसका वीजा समाप्त हो चुका है। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है। जरूरत पड़ने पर पुलिस उसका दोबारा रिमांड कोर्ट से मांग सकती है।
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नाइजीरिया दूतावास से नहीं आया जवाब
पुलिस कार्रवाई में मारे गए ड्रग्स तस्कर माइकल चार्ल्स के शव का अभी तक भी बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा हुआ है। घाना दूतावास ने सोमवार को उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। घाना दूतावास ने पुलिस को बताया था कि मारे गए माइकल के पास से घाना का बना जो पासपोर्ट बरामद हुआ है, वह फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने उसके दूसरे पासपोर्ट जोकि नाइजीरिया से बना हुआ था की बाबत पड़ताल शुरू की है। इस बाबत नाइजीरिया दूतावास से पत्राचार किया गया है। मंगलवार देर शाम तक नाइजीरिया दूतावास से कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली थी।