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रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए सरकारी बाबू
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:11 PM IST
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रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए दो सरकारी बाबू
विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। ये कर्मचारी हाउस टैक्स के नाम पर श्याम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति से दो-दो हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी।
श्याम कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंगला ने बताया कि वह 16 जून को हाउस टैक्स जमा कराने के लिए निगम कार्यालय गए थे। निगम की हाउस टैक्स शाखा में तैनात अशोक और उदयराम ने जितेंद्र को 72 हजार रुपये बकाया टैक्स देने की बात कही। इस पर जितेंद्र ने बताया कि उसने 2017 तक का पूरा टैक्स दिया हुआ है। फिर भी निगम उन्हें बकाया का नोटिस भेज रहा है। जितेंद्र की बात सुनकर अशोक व उदयराम ने बीच का रास्ता निकालने की बात कहते हुए रिश्वत मांगी। आरोप है कि अशोक ने 72 हजार का टैक्स सात हजार रुपये तक करने की बात कहते हुए दो-दो हजार रुपये रिश्वत मांगी।
निगम कार्यालय से जाने के बाद जितेंद्र ने इसकी जानकारी विजिलेंस को दी। शुक्रवार को जिला उपायुक्त की मंजूरी के बाद पंचायत एवं विकास अधिकारी प्रदीप कुमार की बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई। रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए 7 हजार रुपये के हस्ताक्षरयुक्त नोटों पर पर पाउडर लगाया गया। जितेंद्र ने जैसे ही नोट अशोक व उदयराम को दिए, विजिलेंस ने उन्हें पकड़ लिया। विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। ये कर्मचारी हाउस टैक्स के नाम पर श्याम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति से दो-दो हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी।
श्याम कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंगला ने बताया कि वह 16 जून को हाउस टैक्स जमा कराने के लिए निगम कार्यालय गए थे। निगम की हाउस टैक्स शाखा में तैनात अशोक और उदयराम ने जितेंद्र को 72 हजार रुपये बकाया टैक्स देने की बात कही। इस पर जितेंद्र ने बताया कि उसने 2017 तक का पूरा टैक्स दिया हुआ है। फिर भी निगम उन्हें बकाया का नोटिस भेज रहा है। जितेंद्र की बात सुनकर अशोक व उदयराम ने बीच का रास्ता निकालने की बात कहते हुए रिश्वत मांगी। आरोप है कि अशोक ने 72 हजार का टैक्स सात हजार रुपये तक करने की बात कहते हुए दो-दो हजार रुपये रिश्वत मांगी।
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निगम कार्यालय से जाने के बाद जितेंद्र ने इसकी जानकारी विजिलेंस को दी। शुक्रवार को जिला उपायुक्त की मंजूरी के बाद पंचायत एवं विकास अधिकारी प्रदीप कुमार की बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई। रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए 7 हजार रुपये के हस्ताक्षरयुक्त नोटों पर पर पाउडर लगाया गया। जितेंद्र ने जैसे ही नोट अशोक व उदयराम को दिए, विजिलेंस ने उन्हें पकड़ लिया। विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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