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दोस्त बनकर किया फोन, ठग लिए 1
Updated Mon, 03 Dec 2018 05:47 PM IST
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दोस्त बन फोन किया फिर ठगे 18 हजार रुपये
फरीदाबाद। ठगों ने एक व्यक्ति को दोस्त बन फोन किया और उससे मदद के नाम पर 18 हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने जब अपने असली दोस्त को फोन कर पूछताछ की तो ठगी का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपना घर एंक्लेव, सोहना रोड निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 अक्तूबर को उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जितेंद्र का पुराना दोस्त विक्रम बताया। विक्रम ने उससे कहा कि वह अपने एक साथी के साथ जा रहा था और सड़क हादसा हो गया। उसके साथी की हालत खराब है और उसे कुछ पैसों की जरूरत है। जितेंद्र ने अपने पेटीएम अकाउंट से विक्रम के पास छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद जितेंद्र के पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले ने उससे कुछ और रुपयों की मदद मांगी। जितेंद्र ने अपने डेबिट कार्ड की जानकारी और पिन उसको बता दिया। इसके बाद उसने छह-छह हजार कर 12 हजार रुपये और ट्रांसफर कर लिए।
थोड़ी देर बाद जितेंद्र ने अपने दोस्त विक्रम को फोन कर उसके साथी का हालचाल पूछा। इस पर विक्रम ने कहा कि न तो उसके किसी साथी का एक्सीडेंट हुआ है और न ही उसने रुपये मांगने के लिए उसे फोन किया था। इस पर जितेंद्र ने दोबारा उस नंबर पर फोन किया, जिससे उसके पास फोन आया था मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद वह नंबर बंद आने लगा। इस पर जितेंद्र को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उसने इसकी शिकायत पुलिस में की। साइबर सेल ने जांच के बाद अब मामला दर्ज कर लिया है।
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फरीदाबाद। ठगों ने एक व्यक्ति को दोस्त बन फोन किया और उससे मदद के नाम पर 18 हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने जब अपने असली दोस्त को फोन कर पूछताछ की तो ठगी का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपना घर एंक्लेव, सोहना रोड निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 अक्तूबर को उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जितेंद्र का पुराना दोस्त विक्रम बताया। विक्रम ने उससे कहा कि वह अपने एक साथी के साथ जा रहा था और सड़क हादसा हो गया। उसके साथी की हालत खराब है और उसे कुछ पैसों की जरूरत है। जितेंद्र ने अपने पेटीएम अकाउंट से विक्रम के पास छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद जितेंद्र के पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले ने उससे कुछ और रुपयों की मदद मांगी। जितेंद्र ने अपने डेबिट कार्ड की जानकारी और पिन उसको बता दिया। इसके बाद उसने छह-छह हजार कर 12 हजार रुपये और ट्रांसफर कर लिए।
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थोड़ी देर बाद जितेंद्र ने अपने दोस्त विक्रम को फोन कर उसके साथी का हालचाल पूछा। इस पर विक्रम ने कहा कि न तो उसके किसी साथी का एक्सीडेंट हुआ है और न ही उसने रुपये मांगने के लिए उसे फोन किया था। इस पर जितेंद्र ने दोबारा उस नंबर पर फोन किया, जिससे उसके पास फोन आया था मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद वह नंबर बंद आने लगा। इस पर जितेंद्र को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उसने इसकी शिकायत पुलिस में की। साइबर सेल ने जांच के बाद अब मामला दर्ज कर लिया है।
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