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Faridabad News: क्रिकेट स्टेडियम का जिम्मा नगर निगम को दिया, काम शुरू होने का फिर भी इंतजार
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2006 के बाद नहीं हुआ अंतरराष्ट्रीय मुकाबला, 2019 में शुरू हुआ जीर्णोद्धार वर्षों से अधूरा, लागत 115 करोड़ से बढ़कर करीब 407 करोड़ पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का गवाह रहा शहीद राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब वर्षों से अपने पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहा है। इस स्टेडियम के निर्माण की फाइल नगर निगम और एफएमडीए के बीच घूम रही है, लेकिन स्टेडियम का काम तय समय में पूरा नहीं हो पाया।
1981 में बने इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 25 हजार थी और यहां अब तक आठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 31 मार्च 2006 को भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था। इसके बाद मैदान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी नहीं हो सकी।
अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की वापसी के लिए वर्ष 2019 में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था। इसे मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समयसीमा निकलती गई और काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद 2021, 2022, 2023, 2024 और मार्च 2025 तक की समयसीमाएं भी निकल गई। भुगतान, अतिरिक्त बजट, डिजाइन में बदलाव और अन्य तकनीकी कारणों के चलते काम की रफ्तार प्रभावित होती रही। परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ी। पहले करीब 115 करोड़ रुपये की योजना बाद में 222 करोड़ रुपये तक पहुंची और नई डीपीआर के बाद कुल परियोजना लागत करीब 407 करोड़ रुपये बताई गई। इसमें स्टेडियम की क्षमता 40 हजार दर्शकों तक बढ़ाने और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। बीच में विजिलेंस जांच की वजह से भी इस परियोजना का काम ठप रहा।
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परियोजना में देरी के बाद इसका जिम्मा फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया था। एफएमडीए ने अधूरे काम को पूरा करने के लिए नई डीपीआर तैयार की। इसमें क्रिकेट स्टेडियम के साथ अन्य खेल सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया। हालांकि, परियोजना की जिम्मेदारी और योजना में बदलाव के बावजूद मैदान पर काम की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अब दोबारा नगर निगम के जिम्मे आने के बाद भी शहरवासियों को निर्माण शुरू होने का इंतजार है। जून 2026 में नगर निगम प्रशान ने निर्माण एजेंसी को अंतिम चेतावनी देते हुए काम शुरू करने और विस्तृत कार्ययोजना देने के निर्देश दिए थे।
स्टेडियम को लेकर समय-समय पर जनप्रतिनिधियों की ओर से काम जल्द पूरा कराने के दावे भी किए गए हैं। 28 अक्तूबर 2025 को बड़खल विधायक धनशेष अदलखा ने स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए दिवाली 2026 तक काम पूरा कराने का वादा किया था। अब दिवाली नजदीक आने के साथ शहर के खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि वर्षों से अधूरा पड़ा स्टेडियम वास्तव में कब खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए तैयार होगा। स्टेडियम के अधूरे रहने का असर स्थानीय खिलाड़ियों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें बड़े स्तर की सुविधाओं के लिए निजी अकादमियों और दूसरे मैदानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
करीब दो दशक से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर इस मैदान के लिए अब सबसे बड़ा सवाल केवल नई सुविधाओं का नहीं, बल्कि काम कब पूरा होगा और यहां दोबारा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला कब खेला जाएगा, इसका है। लगातार बढ़ती लागत और बदलती जिम्मेदारियों के बीच शहर को अब घोषणा नहीं, बल्कि स्टेडियम के मैदान पर वास्तविक काम शुरू होने का इंतजार है।
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शहीद राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जल्द ही आने वाले दिनों में इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। इसकी तैयारी चल रही हैं। - विवेक गिल, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का गवाह रहा शहीद राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब वर्षों से अपने पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहा है। इस स्टेडियम के निर्माण की फाइल नगर निगम और एफएमडीए के बीच घूम रही है, लेकिन स्टेडियम का काम तय समय में पूरा नहीं हो पाया।
1981 में बने इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 25 हजार थी और यहां अब तक आठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 31 मार्च 2006 को भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था। इसके बाद मैदान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी नहीं हो सकी।
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अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की वापसी के लिए वर्ष 2019 में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था। इसे मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समयसीमा निकलती गई और काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद 2021, 2022, 2023, 2024 और मार्च 2025 तक की समयसीमाएं भी निकल गई। भुगतान, अतिरिक्त बजट, डिजाइन में बदलाव और अन्य तकनीकी कारणों के चलते काम की रफ्तार प्रभावित होती रही। परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ी। पहले करीब 115 करोड़ रुपये की योजना बाद में 222 करोड़ रुपये तक पहुंची और नई डीपीआर के बाद कुल परियोजना लागत करीब 407 करोड़ रुपये बताई गई। इसमें स्टेडियम की क्षमता 40 हजार दर्शकों तक बढ़ाने और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। बीच में विजिलेंस जांच की वजह से भी इस परियोजना का काम ठप रहा।
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परियोजना में देरी के बाद इसका जिम्मा फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया था। एफएमडीए ने अधूरे काम को पूरा करने के लिए नई डीपीआर तैयार की। इसमें क्रिकेट स्टेडियम के साथ अन्य खेल सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया। हालांकि, परियोजना की जिम्मेदारी और योजना में बदलाव के बावजूद मैदान पर काम की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अब दोबारा नगर निगम के जिम्मे आने के बाद भी शहरवासियों को निर्माण शुरू होने का इंतजार है। जून 2026 में नगर निगम प्रशान ने निर्माण एजेंसी को अंतिम चेतावनी देते हुए काम शुरू करने और विस्तृत कार्ययोजना देने के निर्देश दिए थे।
स्टेडियम को लेकर समय-समय पर जनप्रतिनिधियों की ओर से काम जल्द पूरा कराने के दावे भी किए गए हैं। 28 अक्तूबर 2025 को बड़खल विधायक धनशेष अदलखा ने स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए दिवाली 2026 तक काम पूरा कराने का वादा किया था। अब दिवाली नजदीक आने के साथ शहर के खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि वर्षों से अधूरा पड़ा स्टेडियम वास्तव में कब खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए तैयार होगा। स्टेडियम के अधूरे रहने का असर स्थानीय खिलाड़ियों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें बड़े स्तर की सुविधाओं के लिए निजी अकादमियों और दूसरे मैदानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
करीब दो दशक से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर इस मैदान के लिए अब सबसे बड़ा सवाल केवल नई सुविधाओं का नहीं, बल्कि काम कब पूरा होगा और यहां दोबारा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला कब खेला जाएगा, इसका है। लगातार बढ़ती लागत और बदलती जिम्मेदारियों के बीच शहर को अब घोषणा नहीं, बल्कि स्टेडियम के मैदान पर वास्तविक काम शुरू होने का इंतजार है।
शहीद राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जल्द ही आने वाले दिनों में इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। इसकी तैयारी चल रही हैं। - विवेक गिल, मुख्य अभियंता, नगर निगम