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Faridabad News: निजी मेडिकल संस्थानों की मनमानी फीस वसूली पर कसेगा शिकंजा

Wed, 21 Oct 2026 11:53 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:53 PM IST
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Crackdown to follow on arbitrary fee collection by private medical institutions
वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस संरचना प्रदर्शित करना अनिवार्य, जिले के छात्रों ने फैसले का किया स्वागत
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निधि कुशवाहा

फरीदाबाद। निजी मेडिकल संस्थानों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों से निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलने पर हरियाणा सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने निजी चिकित्सा शिक्षण संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे निर्धारित फीस संरचना का पालन करें और अपनी वेबसाइट व नोटिस बोर्ड पर फीस का पूरा विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित करें। इस संबंध में हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने प्रदेश के सभी निजी मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल कॉलेजों व संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे जिले के छात्रों को राहत मिलेगी।

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक धीरेंद्र खड़गटा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निजी संस्थान सक्षम प्राधिकारी की ओर से निर्धारित या अधिकृत राशि से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकता है। विद्यार्थियों के माता-पिता या अभिभावकों से भी किसी अन्य नाम या माध्यम से अतिरिक्त रकम मांगने पर रोक रहेगी। संस्थानों को संबंधित पाठ्यक्रम और शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित फीस संरचना का कड़ाई से पालन करना होगा।
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मेडिकल हब के रूप में पहचान बना रहे फरीदाबाद में कई निजी चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इन संस्थानों में दक्षिण भारत सहित देश के अलग-अलग राज्यों से विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। जिले के विद्यार्थियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि निजी चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में फीस को लेकर पारदर्शिता होना जरूरी है। फीस संरचना वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध होने से दाखिले से पहले ही पूरे पाठ्यक्रम पर होने वाले खर्च की जानकारी मिल सकेगी। इससे विद्यार्थी और उनके अभिभावक अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार दाखिले का फैसला ले सकेंगे। साथ ही, निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलने पर रोक लगने से विद्यार्थियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
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विद्यार्थियों से बातचीत

दाखिले से पहले ही फीस का पूरा विवरण मिलना चाहिए। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले से बजट बनाते हैं। ऐसे में फीस की सही जानकारी होने से वे आर्थिक स्थिति के अनुसार दाखिले का फैसला ले सकेंगे। -पुनीत


एडमिशन के वक्त ही कॉलेजों को फीस की पूरी जानकारी दे देनी चाहिए। बाद में लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है और हमारी पढ़ाई प्रभावित होती है। -सौरभ
फीस का विवरण सार्वजनिक होने से कॉलेज चुनने में आसानी होगी। विद्यार्थी पहले ही खर्च का आकलन कर सकेंगे। - हिमांशी
फीस संबंधी नियम स्पष्ट होने से विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ेगा। यह पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में अच्छा कदम है। - ख्याति
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