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छात्र के इलाज का खर्च उठाएंगे पुलिस आयुक्त
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फरीदाबाद। पेनक्रियाज से ग्रसित 18 साल के रणबीर का हौसला देखकर पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने उसकी बीमारी पर खर्च होने वाले दो माह का पूरा खर्च खुद उठाने का फैसला किया है।
पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि पुलिस आयुक्त के सामाजिक कार्य और बीते दिनों गठित की गई विद्यार्थियों के लिए टीनएज विंग को लेकर लोगों ने उनकी खूब सराहना की। विद्यार्थियों ने भी इस कदम का स्वागत किया। इस दौरान अखबार और सोशल मीडिया में ओपी सिंह के बारे में जानने के बाद मंगलवार को छात्र रणबीर भी उनसे मिलने पहुंचा। इस दौरान छात्र ने उन्हें अपनी चित्रकारी दिखाई साथ ही अपनी बीमारी से संबंधित जानकारी दी।
उसने पुलिस आयुक्त को बताया कि वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। 2002 में उसका परिवार काम के तलाश में फरीदाबाद आया था। उसने प्राथमिक पढ़ाई मॉर्डन स्कूल सेक्टर-17 से की है। इसका पूरा खर्च उसके मामा ने उठाया है। उसे 2018 में पेनक्रियाज से संबंधित बीमारी हो गई थी। इसमें उसका पेट का ऑपरेशन भी हुआ, जिसका पूरा खर्च चाचा ने दिया था। ऑपरेशन की वजह से वह करीब 18 माह तक बेड पर रहा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और बेड पर ही लेटे-लेटे चित्रकारी सीखी। छात्र के हुनर और हौसला को देखकर पुलिस आयुक्त काफी प्रभावित हुए और उन्होंने उसकी मदद करने की घोषणा की।
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पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि पुलिस आयुक्त के सामाजिक कार्य और बीते दिनों गठित की गई विद्यार्थियों के लिए टीनएज विंग को लेकर लोगों ने उनकी खूब सराहना की। विद्यार्थियों ने भी इस कदम का स्वागत किया। इस दौरान अखबार और सोशल मीडिया में ओपी सिंह के बारे में जानने के बाद मंगलवार को छात्र रणबीर भी उनसे मिलने पहुंचा। इस दौरान छात्र ने उन्हें अपनी चित्रकारी दिखाई साथ ही अपनी बीमारी से संबंधित जानकारी दी।
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उसने पुलिस आयुक्त को बताया कि वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। 2002 में उसका परिवार काम के तलाश में फरीदाबाद आया था। उसने प्राथमिक पढ़ाई मॉर्डन स्कूल सेक्टर-17 से की है। इसका पूरा खर्च उसके मामा ने उठाया है। उसे 2018 में पेनक्रियाज से संबंधित बीमारी हो गई थी। इसमें उसका पेट का ऑपरेशन भी हुआ, जिसका पूरा खर्च चाचा ने दिया था। ऑपरेशन की वजह से वह करीब 18 माह तक बेड पर रहा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और बेड पर ही लेटे-लेटे चित्रकारी सीखी। छात्र के हुनर और हौसला को देखकर पुलिस आयुक्त काफी प्रभावित हुए और उन्होंने उसकी मदद करने की घोषणा की।
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