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ग्रेप अनदेखी करना निगम को पड़ा भारी, फिर लगा 10 लाख का जुर्माना, सीपीसीबी की फ्लाइंग टीम ने 80 इकाइयों में किया निरीक्षण

Sun, 05 Dec 2021 10:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 10:27 PM IST
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Corporation got heavy for ignoring the grape, then fined 10 lakhs, CPCB's flying team inspected 80 units
फरीदाबाद नीलम मेट्रो स्टेशन के पास एक मॉल में डीजी सेट की जांच करती सीपीसीबी की टीम । - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों की अनदेखी करना नगर निगम को फिर भारी पड़ गया है। सेक्टर 8-9 डिवाइडिंग रोड पर पानी का छिड़काव नहीं करने को लेकर रविवार को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने नगर निगम पर एक बार फिर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे इसी मामले में निगम पर 30 नवंबर को 10 लाख रुपये का जुर्माना लगा था।
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एचएसपीसीबी के अधिकारियों के अनुसार दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा करीब 40 फ्लाइंग टीमें गठित की गई है। रविवार को उन्हीं टीमों ने फरीदाबाद का भी दौरा किया। इस दौरान करीब 80 इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने एमआईटी में एक कंपनी को 10 हजार रुपये का चालान किया। वहां प्रतिबंध के बावजूद डीजी सेट चलाए जा रहे थे। इसके अलावा सेक्टर 8-9 डिवाइडिंग रोड पर पानी का छिड़काव करने को लेकर नगर निगम पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगम को इस बाबत नोटिस भेज दिया गया है। वहीं, सीपीसीबी द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का प्रदूषण स्तर बेहद खराब श्रेणी के साथ 311 दर्ज किया गया। जबकि बल्लभगढ़ में खराब श्रेणी के साथ एक्यूआई 270 दर्ज किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता के अनुसार इस समय लोग खास सावधानी बरतें। बेहद खराब और खराब श्रेणी के इस प्रदूषण स्तर में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। लिहाजा लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें।
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काफी दिनों से बना है खराब स्तर
औद्योगिक नगरी में पिछले महीने से ही लोगों को खराब, बेहद खराब और गंभीर श्रेणी के प्रदूषण स्तर में जीना पड़ रहा है। खास बात है कि एचएसपीसीबी की ओर से मौजूदा समय में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा 105 के आसपास ईट भट्ठों, डीजी सेट, क्रशर जोन आदि को अगले आदेश तक चलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा है। यहां तक कि कोयले, लकड़ी आदि से चलने वाली कंपनियां भी अब सोमवार से शुक्रवार तक बस आठ घंटे ही चलेंगी। बावजूद शहर में प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल पांडे के अनुसार अस्पताल में मौजूदा समय में सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। पहले जहां 20 से 30 सांस के मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते थे। वहीं मौजूदा समय में उनकी संख्या 60 से ऊपर रह रही है। ऐसे में ओपीडी में बढ़ रहे मरीजों से डॉक्टरों की भी परेशानी बढ़ गई है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि इस समय लोगों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग मास्क जरूर लगाए। नहीं तो इस प्रदूषण स्तर में सांस संबंधित परेशानी बढ़ सकती है।
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