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Faridabad News: औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सफर बना चुनौती
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समय पर नहीं मिलतीं बसें, वेतन कटने का लगा रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-24, 25, 27ए, 55, 58, 59 और बाटा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित और समय पर परिवहन बड़ी चुनौती बना हुआ है। सुबह जल्दी और देर रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि इन क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। कई बार लंबे इंतजार के बाद बस तो दूर की बात है ऑटो भी नहीं मिलता, जिससे समय पर काम पर पहुंचना और घर लौटना मुश्किल हो जाता है।
महिलाओं का कहना है कि परिवहन की कमी का सीधा असर उनके रोजगार पर पड़ रहा है। देर से पहुंचने पर वेतन कटने का डर रहता है, जबकि रात की शिफ्ट के बाद घर लौटते समय सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। मजबूरी में कई महिलाओं को महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, वहीं कुछ महिलाएं बेहतर नौकरी के अवसर छोड़ने को मजबूर हैं।
कामकाजी महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सुबह और देर रात के समय विशेष बस सेवा शुरू की जाए। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
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मेरी सुबह छह बजे की शिफ्ट होती है। उस समय बस नहीं मिलती और ऑटो भी बड़ी मुश्किल से मिलता है। - नीलम
रात की शिफ्ट खत्म होने के बाद घर लौटना सबसे मुश्किल होता है। कई बार सेक्टर-25 से वापस आने के लिए लंबे समय तक वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।- नेहा
अगर नियमित बस सेवा शुरू हो जाए तो महिलाओं का समय भी बचेगा और आने-जाने की परेशानी भी खत्म होगी।- सोनिया
परिवहन की समस्या की वजह से कई महिलाएं नौकरी छोड़ देती हैं। सुरक्षित और समय पर बस सेवा बहुत जरूरी है। - शीतल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-24, 25, 27ए, 55, 58, 59 और बाटा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित और समय पर परिवहन बड़ी चुनौती बना हुआ है। सुबह जल्दी और देर रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि इन क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। कई बार लंबे इंतजार के बाद बस तो दूर की बात है ऑटो भी नहीं मिलता, जिससे समय पर काम पर पहुंचना और घर लौटना मुश्किल हो जाता है।
महिलाओं का कहना है कि परिवहन की कमी का सीधा असर उनके रोजगार पर पड़ रहा है। देर से पहुंचने पर वेतन कटने का डर रहता है, जबकि रात की शिफ्ट के बाद घर लौटते समय सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। मजबूरी में कई महिलाओं को महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, वहीं कुछ महिलाएं बेहतर नौकरी के अवसर छोड़ने को मजबूर हैं।
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कामकाजी महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सुबह और देर रात के समय विशेष बस सेवा शुरू की जाए। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
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मेरी सुबह छह बजे की शिफ्ट होती है। उस समय बस नहीं मिलती और ऑटो भी बड़ी मुश्किल से मिलता है। - नीलम
रात की शिफ्ट खत्म होने के बाद घर लौटना सबसे मुश्किल होता है। कई बार सेक्टर-25 से वापस आने के लिए लंबे समय तक वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।- नेहा
अगर नियमित बस सेवा शुरू हो जाए तो महिलाओं का समय भी बचेगा और आने-जाने की परेशानी भी खत्म होगी।- सोनिया
परिवहन की समस्या की वजह से कई महिलाएं नौकरी छोड़ देती हैं। सुरक्षित और समय पर बस सेवा बहुत जरूरी है। - शीतल