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ठंड बढ़ी तो अस्पताल में भी बढ़ा मरीजों का ग्राफ

Thu, 17 Dec 2020 10:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 10:38 PM IST
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cold increasing in faridabad
फीदाबाद में बृस्पतिवार को पूरा दिन चली ठंडी हवा । - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी से जिले में ठंड बढ़ गई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के कारण अस्पतालों में सांस, ब्लड प्रेशर और ह्दय रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को खुद से सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम की गलन भरी हवाओं से बचने के लिए कहा है।
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एनआईटी तीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तीन महीने पहले तक 15 से 20 मरीज इलाज के लिए आते रहे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 60 हो गई है। ज्यादातर मरीज अस्थमा, सांस लेने में दिक्कत और बीपी के हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इस मौसम में कार्डियक अटैक और ब्रेन हेमरेज और लकवा होने का खतरा बढ़ जाता है। नागरिक अस्पताल बीके में रोजाना 25 से 30 ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें पांच से 10 नए मरीज शामिल हैं। वहीं इमरजेंसी में रोजाना दो से तीन लोग आ रहे है। यही स्थित निजी अस्पतालों की बनी हुई है।
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डॉक्टरों ने दी सलाह
ठंड में रक्त संचालन करने वाली नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे हृदय रोगियों को अटैक का खतरा बढ़ जाता है। नसों के सिकुड़ने से सीने में दर्द होता है जिसे एंजाइना पेन कहा जाता है। ठंड के दौरान बीपी बढ़ता है और हृदय को ऑक्सीजन के लिए तेजी से धड़कना पड़ता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ठंड में 50 साल से अधिक आयु के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है। इसी तरह 60 साल से अधिक आयु के लोगों में लकवा होने का खतरा रहता है। जीवनशैली में बदलाव के कारण 25 से 40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए हृदय रोगियों को इस मौसम में नियमित रूप से अपनी जांच करवाते चाहिए।
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- डॉ. असीमदास, डीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।
ठंड के मौसम में युवाओं में हार्ट अटैक होने की मुख्य वजह जीवनशैली में बदलाव है। ऑफिस से देर रात घर पहुंचना, देर रात सोना और सुबह जल्दी जगना, बाहर का खानपान, ऑफिस के तनाव से बचने के लिए धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करना, इस रोग की मुख्य वजह है। ठंड के मौसम में बाईपास और एंजियोप्लाटी की संख्या में पांच से सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं बुजुर्गों में हार्ट अटैक की वजह प्रदूषण और ठंड दोनों माने जाते हैं। इससे बचने के लिए सुबह और शाम को सैर पर जाने से बचें। घर पर व्यायाम करें।
- डॉ. रणदीप पुनिया, सीएमओ, अटल बिहारी वाजपेयी नागरिक अस्पताल
यह बरते सावधानियां
- हृदय और बीपी के रोगी सुबह एकदम से ठंड में बाहर न जाएं
- बिस्तर से उठने से पहले गर्म कपड़े पहनें और थोड़ा व्यायाम करते हुए उठें
- सर्दी के मौसम में सिर, हाथ पैर को पूरी तरह से ढक कर चलें, ताकि सर्द हवाएं आपके शरीर के भीतर न जा सकें
- गाड़ी चलाते समय भी गर्म कपड़े पहने, गाड़ी में बैठने पर ठंड नहीं लगती, लेकिन बाहर आने पर ठंड और गर्म से अटैक का खतरा बढ़ जाता है
- सुबह सूरज निकलने से पहले सैर पर न जाएं
- देर शाम सैर पर न निकलें
- सैर के दौरान सीने में दर्द होने पर तुरंत पास के व्यक्ति से हेल्प मांगे और अस्पताल में जांच के लिए जाएं।
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